देहरादून/रुद्रप्रयाग।
रविवार सुबह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सात लोगों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच श्रद्धालुओं के अलावा पायलट और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का एक कर्मचारी शामिल था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा—
“रुद्रप्रयाग जिले में हेलिकॉप्टर दुर्घटना की बेहद दुखद जानकारी मिली है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और अन्य राहत दल मौके पर राहत-बचाव कार्यों में जुटे हैं। मैं बाबा केदारनाथ से सभी यात्रियों की कुशलता के लिए प्रार्थना करता हूं।”
हादसा उस समय हुआ जब हेलिकॉप्टर केदारनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर वापस लौट रहा था। दुर्घटना के बाद तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर सक्रिय हैं।
फिलहाल स्थिति को देखते हुए केदारनाथ के लिए हवाई सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किसी भी हादसे के बाद संचालन को रोका जाता है, और हेली कंपनियों के सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की जाती है। सेवाएं तभी दोबारा शुरू की जाती हैं जब जांच पूरी हो जाती है और सभी सुरक्षा मानदंडों पर संतुष्टि हो।
बीकेटीसी ने जताया गहरा शोक
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और विजय कपरवाण सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने दुर्घटना पर गहरा दुःख जताया। समिति की ओर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को संबल प्रदान करने की कामना की गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सरकार और प्रशासन द्वारा जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
यह हादसा एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई यात्रा की चुनौती और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जरूरत को उजागर करता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, और सभी संबंधित एजेंसियां इस दिशा में सजगता से कार्यरत हैं।








