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जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर: सात जगहों पर भारी भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग ठप; 36 घंटे से फंसे सैकड़ों पर्यटक

On: July 24, 2026 8:01 AM
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Heavy landslide on Jammu Srinagar National Highway NH 44 blocking traffic with stranded vehicles and JCB clearing mud

​श्रीनगर / जम्मू:

​जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश की वजह से घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और मलबे की चपेट में आ गया है। राजमार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों पर पहाड़ी से भारी चट्टानें और कीचड़ सड़क पर आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है।

​मौसम के इस भीषण रूप से सबसे ज्यादा प्रभावित वे पर्यटक और यात्री हुए हैं जो पिछले 36 घंटे से अधिक समय से रास्ते में फंसे हुए हैं। खाने-पीने और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण राजमार्ग पर फंसे परिवारों और पर्यटकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

​3 घंटे ही चल सकी गाड़ियों की कतार, फिर गिरा देवाल का पहाड़

​राष्ट्रीय राजमार्ग पर हालात कितने नाजुक हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार शाम को प्रशासन और बीआरओ (BRO) की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को नियंत्रित तरीके से खोला गया था। लगभग 36 घंटे के लंबे इंतजार के बाद ‘सिंगल ट्यूब’ (एकतरफा रास्ता) के जरिए केवल फंसे हुए वाहनों को निकालने की इजाजत दी गई थी।

​लेकिन, राहत का यह सिलसिला महज तीन घंटे ही टिक सका। देवाल क्षेत्र में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर सड़क पर आ गिरा, जिससे राजमार्ग को सुरक्षा कारणों से फिर से पूरी तरह बंद करना पड़ा। इसके बाद रातभर हुई मूसलधार बारिश ने स्थिति को और भी अधिक भयावह बना दिया।

​समरोली में सड़कों का कटाव, धंसने लगी जमीन

​बारिश के कारण सबसे गंभीर स्थिति समरोली क्षेत्र में देखने को मिल रही है। यहाँ पहाड़ी से बहे मलबे के कारण सड़क किनारे बनी नालियां और जल निकासी के रास्ते पूरी तरह से चौक हो चुके हैं।

• ​पानी का कहर: जल निकासी मार्ग बंद होने से बारिश का पूरा पानी सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग की मुख्य सड़क पर तेज गति से बह रहा है।
• ​सड़क धंसने का खतरा: लगातार पानी बहने के कारण सिंगल लेन वाले इस बेहद संवेदनशील हिस्से पर सड़क के कटाव और जमीन धंसने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
• ​यातायात के लिए जोखिम: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सड़क का यह ढांचा क्षतिग्रस्त होता है, तो राजमार्ग को दोबारा बहाल करने में कई दिनों का समय लग सकता है।

​जखैनी से बनिहाल तक फैली तबाही, 7 मुख्य बिंदु प्रभावित

​प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, केवल एक स्थान पर नहीं बल्कि पूरे राजमार्ग पर जखैनी से लेकर चिनैनी तक कई किलोमीटर के दायरे में तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं। क्षेत्र में मुख्य रूप से सात से अधिक स्थानों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने की गंभीर घटनाएं दर्ज की गई हैं:

1. ​देवाल: भारी मलबा और बड़े पत्थरों के गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध।
2. ​समरोली: पानी का सड़कों पर बहाव और भू-कटाव की स्थिति।
3. ​कैफेटेरिया मोड व मंकी मोड: लगातार ऊपर से गिरते पत्थर।
4. ​बैटरी चश्मा: कीचड़युक्त मलबे के कारण फिसलन और रास्ते की नाकेबंदी।
5. ​डलवास व नाशरी: भूस्खलन के कारण सड़क का आंशिक क्षतिग्रस्त होना।
6. ​बनिहाल क्षेत्र: रुक-रुक कर हो रहे लैंडस्लाइड से बहाली कार्य बाधित।
7. ​जखैनी-चिनैनी स्ट्रेच: सड़कों पर विशालकाय चट्टानें जमना।
​36 घंटे से गाड़ियों में ही रात बिताने को मजबूर यात्री

​सड़क बंद होने की वजह से हाइवे पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। इनमें बड़ी संख्या में अमरनाथ यात्री, स्थानीय निवासी और मैदानी इलाकों से घूमने आए पर्यटक शामिल हैं।

​रास्ते में फंसे पर्यटकों का कहना है कि वे बीते 36 घंटे से गाड़ियों में ही वक्त गुजार रहे हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी विकट हो गई है, क्योंकि आसपास कोई होटल या बड़ा बाजार उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, स्थानीय नागरिक और राहत दल फंसे हुए लोगों तक सूखा राशन और पीने का पानी पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारी बारिश के चलते राहत सामग्री पहुंचाना भी बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
​राहत और बचाव कार्य में जुटी एजेंसियां, बारिश बनी सबसे बड़ी बाधा

​राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीमें भारी मशीनों (जेसीबी और बुलडोजर) के साथ सड़कों को साफ करने में दिन-रात जुटी हुई हैं।

​प्रशासनिक अधिकारी का बयान:

“हमारी प्राथमिकता सड़क पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और जल्द से जल्द एक लेन को गाड़ियों की आवाजाही के लिए तैयार करना है। लेकिन पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थर और जारी बारिश हमारे कर्मचारियों और मशीनरी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। जैसे ही मौसम थोड़ा साफ होगा, मलबा हटाने के काम में तेजी लाई जाएगी।”

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​प्रशासन की सख्त अपील: स्थिति सामान्य होने तक टालें यात्रा

​मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के लिए भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है। इसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस और नागरिक प्रशासन ने आम जनता तथा पर्यटकों के लिए एक एडवाइजरी (Advisory) जारी की है:

• ​अनावश्यक यात्रा से बचें: मौसम पूरी तरह सामान्य होने और सड़क साफ होने तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें।
• ​हेल्पलाइन नंबर का लें सहारा: यात्रा शुरू करने से पहले केवल आधिकारिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम (TCR) के नंबरों पर संपर्क करके ही सड़क की ताजा स्थिति (Live Status) की जानकारी लें।
• ​जोखिम वाले क्षेत्रों में न रुकें: हाइवे पर यात्रा कर रहे लोग भूस्खलन वाले संवेदनशील क्षेत्रों के पास अपनी गाड़ियां पार्क न करें।

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