नई दिल्ली: भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने यात्रियों की सुविधा और सम्मान में एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए हैं। जहाँ दो दिन पहले ही रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बदलाव क यात्रियों को राहत दी थी, वहीं अब एक ऐसा फैसला लिया गया है जो देश के रक्षकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है। रेलवे ने घोषणा की है कि देश की सेवा में वीरता दिखाने वाले जवानों और उनके परिवारों को अब जीवनभर ट्रेन में सफर करने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना होगा।
वीरता पुरस्कार विजेताओं को मिलेगा ‘लाइफ टाइम फ्री ट्रैवल’ का सम्मान
केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, भारतीय सेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) के उन जवानों को, जिन्होंने वीरता पदक (Gallantry Awards) जीते हैं, अब भारतीय रेलवे में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
यह सुविधा केवल पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार ने इसे और व्यापक बनाते हुए इन जांबाज सैनिकों की पत्नियों और उनकी विधवाओं को भी इसमें शामिल किया है। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) की ओर से इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की गई है, जिससे रक्षा कर्मियों के बीच खुशी की लहर है।
किन श्रेणियों में मिलेगी छूट?
रेलवे के इस नए नियम के तहत, लाभार्थी निम्नलिखित श्रेणियों में बिल्कुल मुफ्त सफर कर सकेंगे:
- फर्स्ट क्लास (1st Class)
- सेकेंड एसी (2nd AC)
- एसी चेयर कार (AC Chair Car)
सबसे खास बात यह है कि वीरता पुरस्कार विजेता के साथ-साथ एक सहयोगी (Attendant/Companion) को भी आजीवन मुफ्त रेल सफर की रियायत दी गई है। यानी अब हमारे वीर जवान अपनी पत्नी या किसी अन्य सहायक के साथ बिना किसी वित्तीय बोझ के देश के किसी भी कोने में यात्रा कर सकेंगे।
टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के बदले नियम
इस बड़ी घोषणा से ठीक दो दिन पहले रेलवे ने टिकट रिफंड के नियमों को भी अपडेट किया था। नए नियमों के तहत कन्फर्म टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। रेलवे का उद्देश्य है कि यात्रियों को अंतिम समय में होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके और डिजिटल रिफंड की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
रेलवे में वर्तमान में किन्हें मिलती है किराए में छूट?
भारतीय रेलवे केवल जवानों को ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को उनकी विशिष्ट परिस्थितियों के आधार पर रियायतें प्रदान करता है।
आइए जानते हैं किन-किन श्रेणियों में अभी छूट मिल रही है:
- दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले यात्री
रेलवे दिव्यांगों, मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों और पूरी तरह से दृष्टिबाधित (Blind) यात्रियों को टिकट में भारी छूट देता है। इन श्रेणियों में जनरल क्लास, स्लीपर और 3AC कोच में 75% तक की रियायत दी जाती है।
- गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज
मानवीय आधार पर रेलवे उन मरीजों को किराए में छूट देता है जो कैंसर, थैलेसीमिया, हृदय रोग, किडनी (डायलिसिस), हीमोफीलिया, टीबी, एड्स और ऑस्टोमी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसका उद्देश्य मरीजों को इलाज के लिए आने-जाने में आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
- विद्यार्थियों के लिए रियायत
छात्रों को भी रेलवे द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। उन्हें शैक्षिक दौरों या घर आने-जाने के लिए अलग-अलग कोच श्रेणियों में 50% से लेकर 75% तक का डिस्काउंट मिलता है।
- वरिष्ठ नागरिकों का क्या?
एक समय था जब वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को रेल टिकट में अच्छी-खासी छूट मिलती थी। हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान इस रियायत को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, जो फिलहाल अभी तक बहाल नहीं की गई है। हालांकि, समय-समय पर इसे फिर से शुरू करने की मांग उठती रहती है।
निष्कर्ष
रेलवे का यह ताजा फैसला न केवल रक्षा कर्मियों के योगदान को सम्मान देने वाला है, बल्कि उनके परिवारों को सुरक्षा और सुविधा का अहसास भी कराता है। वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए ‘एसी सफर’ फ्री करना सरकार की एक सराहनीय पहल है। रेलवे के इन फैसलों से साफ है कि विभाग अब अपनी कार्यप्रणाली को अधिक ‘यात्री-अनुकूल’
(Passenger-friendly) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।









