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“अंकिता भंडारी हत्याकांड: कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया, जल्द सुनाई जाएगी सजा”

On: May 30, 2025 7:04 AM
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उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया है। अब कुछ ही देर में अदालत तीनों को सजा सुनाएगी। पूरे उत्तराखंड ही नहीं, देशभर की निगाहें इस फैसले पर टिकी थीं।

क्या है मामला?

18 सितंबर 2022 को पौड़ी गढ़वाल स्थित वनंत्रा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया। छह दिन बाद, 24 सितंबर को उसका शव बरामद हुआ। यह जघन्य हत्याकांड पूरे राज्य में आक्रोश का कारण बना और महीनों तक सड़कों पर प्रदर्शन और धरने जारी रहे। मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया।

सुनवाई और अभियोजन की कार्यवाही

इस मामले की पहली सुनवाई 30 जनवरी 2023 को कोटद्वार एडीजे कोर्ट में शुरू हुई। विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा गहराई से जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 97 गवाहों को शामिल किया गया था। इनमें से 47 गवाहों की अदालत में गवाही कराई गई।

19 मई 2025 को विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी ने अंतिम बहस में बचाव पक्ष की दलीलों का जोरदार तरीके से खंडन किया, जिसके बाद अदालत ने 30 मई को फैसला सुनाने की तिथि तय की।

तीनों आरोपी दोषी करार

कोर्ट ने आज तीनों मुख्य आरोपियों—पुलकित आर्य (वनंत्रा रिज़ॉर्ट का मालिक), सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया है। न्याय प्रक्रिया लगभग 2 साल 8 महीने तक चली। मामले में अभियोजन की सशक्त पैरवी और ठोस साक्ष्यों के चलते तीनों की जमानत याचिकाएं बार-बार खारिज होती रहीं।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया

अंकिता के माता-पिता लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। उनके पिता पहले ही कह चुके हैं कि वे अपनी बेटी के हत्यारों को फांसी पर लटकता देखना चाहते हैं। वहीं, अंकिता की मां ने भी दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी इस हत्याकांड में दोषियों को कठोरतम सजा दिए जाने की बात कही है।

सरकार द्वारा की गई कार्रवाई

घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी और जेल भेजा जाना

SIT का गठन कर गहन जांच कराई गई

आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया

उत्तराखंड सरकार द्वारा अंकिता के परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता

परिजनों की मांग पर तीन बार बदले गए सरकारी वकील

दिवंगत अंकिता के भाई और पिता को दी गई सरकारी नौकरी

सरकारी वकील की सख्त पैरवी के कारण तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज होती रहीं

आज का दिन उत्तराखंड की न्याय प्रणाली के इतिहास में एक अहम मोड़ साबित हुआ है। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की इस लंबी कानूनी लड़ाई का आज एक बड़ा पड़ाव पूरा हुआ है।

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