धर्मनगरी हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ हरियाणा के पलवल की रहने वाली एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। इस गंभीर अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने तत्काल कड़े रुख के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए। पुलिस प्रशासन ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए न केवल घटना के दो मुख्य आरोपियों को बल्कि लापरवाही बरतने वाले होटल मैनेजर को भी चंद घंटों के भीतर दबोच लिया।
घटना का विस्तार से विवरण देते हुए सिडकुल क्षेत्र की एक फैक्ट्री में कार्यरत पीड़ित महिला के पति ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। तहरीर के मुताबिक, पलवल निवासी महिला को एक कार चालक ने अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों के जाल में इस कदर उलझाया कि वह उसकी नीयत को भांप नहीं पाई। आरोपी चालक महिला को झांसा देकर शिवमूर्ति गली स्थित ‘सुकून गेस्ट हाउस’ ले गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद कार चालक और उसके एक अन्य साथी ने महिला के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं और बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद महिला गहरे सदमे में है और पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपियों के खिलाफ कठोरतम सजा की मांग की गई है।
एसएसपी नवनीत सिंह द्वारा गठित विशेष पुलिस टीम ने शहर कोतवाल रितेश शाह के कुशल नेतृत्व में जांच की कमान संभाली। पुलिस ने आरोपियों तक पहुँचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। गहन खोजबीन और दबिश के बाद पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित वर्मा, जो मूल रूप से जिला बिजनौर के नहटौर का निवासी है और वर्तमान में सराय रोड ज्वालापुर में रह रहा था, तथा श्याम साहू, निवासी शास्त्रीनगर कड़च्छ ज्वालापुर के रूप में हुई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है कि धर्मनगरी की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस पूरे प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और बड़ी और खतरनाक लापरवाही उजागर हुई। यह पता चला कि होटल ‘सुकून गेस्ट हाउस’ के मैनेजर गोविंदा सिंह, जो मुरादाबाद के कुंदरकी का रहने वाला है, ने सरकारी नियमों और सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया था। मैनेजर ने बिना किसी पहचान पत्र (ID Proof) की जांच किए आरोपियों को होटल में कमरा उपलब्ध करा दिया, जिससे अपराधियों को इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने की सुविधा मिली। पुलिस ने इस चूक को अपराध में अप्रत्यक्ष सहयोग माना और होटल मैनेजर को भी कानून के शिकंजे में कस लिया। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है।
इस वारदात ने एक बार फिर होटलों और गेस्ट हाउसों में सुरक्षा मानकों तथा आईडी वेरिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने अब सख्त चेतावनी जारी की है कि जो भी होटल संचालक नियमों का उल्लंघन कर बिना आईडी के किसी भी व्यक्ति को कमरा देगा, उसके विरुद्ध न केवल जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इस सफल और त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में शहर कोतवाल रितेश शाह के साथ एसएसआइ नन्द किशोर ग्वाड़ी, महिला उपनिरीक्षक निशा सिंह, मायापुर चौकी प्रभारी आशीष नेगी और कांस्टेबल अनिल, अर्जुन, रमेश, ममता व शोभा शामिल रहे, जिनकी कार्यप्रणाली की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की गई है।
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