हल्द्वानी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हल्द्वानी के गंगापुर कब्डाल क्षेत्र में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में राज्य सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी मजबूती से कार्य कर रही है। पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है, जिनमें केवल निचले स्तर के अधिकारी ही नहीं, बल्कि प्रभावशाली और उच्च पदों पर बैठे लोग भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चाहे IAS हो या PCS, यदि कोई भी अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं करता, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी प्रकार की अनियमितता को सहन नहीं करेगी।
126 करोड़ की 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नैनीताल जिले में 126 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, नगर विकास, सीवरेज व्यवस्था, सुंदरीकरण और निराश्रित गोवंश संरक्षण से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को सशक्त किया जाएगा और आमजन को जीवन की गुणवत्ता में सुधार महसूस होगा।
नैनीताल को आदर्श जिला बनाने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री धामी ने ऐलान किया कि नैनीताल जिले को विकास योजनाओं के माध्यम से आदर्श जिला बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में मानसिक चिकित्सालय, कैंसर संस्थान, आयुष अस्पताल, ओपन जिम, अंबेडकर पार्क, रिंग रोड, बाईपास रोड, एस्ट्रो पार्क, पोलिनेटर पार्क और खेल विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाएं तेज गति से कार्यान्वित की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि हल्द्वानी को “क्लीन एंड ग्रीन सिटी” बनाने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज प्रबंधन योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है।
दीर्घकालिक लाभ वाली योजनाएं: जमरानी डैम और इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना और खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स, तराई क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएंगे और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, और राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को लेकर सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता के संरक्षण के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने धर्मांतरण, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों पर सरकार की सख्त नीति का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में कठोर कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने आजाद भारत में समान नागरिक संहिता को लागू किया है। साथ ही यहां देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है।
गोमाता संरक्षण को लेकर विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने गोमाता संरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इसके लिए राज्य में गो संरक्षण कानून लागू किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल गोमाता के संरक्षण का मजाक उड़ाते हैं और सनातन धर्म का अपमान करते हैं, जबकि उनकी सरकार ने इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए हैं। गोहत्या जैसे अपराधों के लिए सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।





