उत्तरी भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में एक बार फिर धरती हिली और लोगों में दहशत का माहौल बना। चमोली जिले के कई क्षेत्रों—कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली और देवाल—में सुबह 10 बजकर 27 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.7 दर्ज की गई। अचानक आए झटकों के कारण लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर जमा हो गए।
जोन-6 में शामिल हुआ उत्तराखंड: बेहद संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र
हाल ही में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा जारी भूकंपीय डिजाइन कोड–2025 के नए मानचित्र में उत्तराखंड को जोन-6, यानी सबसे अधिक संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में रखा गया है।
इससे पहले राज्य के सभी जिलों को जोन 4 और जोन 5 में बांटा गया था, लेकिन अब नए वर्गीकरण के अनुसार उत्तराखंड समेत हिमालयी राज्यों को अत्यधिक जोखिम श्रेणी में रखा गया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के बाद राज्य में होने वाले सभी निर्माण कार्यों में अतिरिक्त सतर्कता और भूकंपरोधी तकनीकों का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से बढ़ाना होगा। इससे भवनों की सुरक्षा और लोगों की जान जोखिम से बचाई जा सकेगी।
पहले ऐसे बांटा गया था राज्य का भूकंपीय वर्गीकरण
पुराने भूकंपीय मानचित्र के अनुसार:
• जोन 5 (सबसे संवेदनशील): रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़
• जोन 4: उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल
लेकिन नए मानकों में पूरा उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में आता है।
2021 में भी कई जिले थे उच्च जोखिम में
वर्ष 2021 में संसद में दिए एक लिखित उत्तर में वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश के 38 अत्यधिक भूकंप-संवेदनशील शहरों की सूची जारी की थी। इस सूची में उत्तराखंड के अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून और रुड़की को भी शामिल किया गया था, जहां भूकंपीय गतिविधियों का खतरा हमेशा बना रहता है।
उत्तराखंड में फिर हिली धरती: चमोली जिले में भूकंप से दहशत, लोग घरों से बाहर भागे
On: November 30, 2025 5:52 AM








