देहरादून: सुद्धोवाला में बजरंग दल के छापे के बाद सनसनी, तीन मुस्लिम युवकों संग लिव-इन में रह रही थीं दो छात्राएं - Doonprimenews
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देहरादून: सुद्धोवाला में बजरंग दल के छापे के बाद सनसनी, तीन मुस्लिम युवकों संग लिव-इन में रह रही थीं दो छात्राएं

On: June 6, 2026 9:10 AM
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​देहरादून

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सुद्धोवाला क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक किराए के कमरे में रह रही दो अलग-अलग जिलों की छात्राओं के साथ तीन मुस्लिम युवकों के लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का भंडाफोड़ हुआ है।

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दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सूचना और हस्तक्षेप के बाद यह पूरा मामला प्रकाश में आया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रेमनगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

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​गुप्त सूचना पर बजरंग दल ने मारा छापा

​मिली जानकारी के अनुसार, कुमाऊं के हल्द्वानी और गढ़वाल के चमोली जिले से दो युवतियां देहरादून के सुद्धोवाला इलाके में उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने के लिए आई थीं। इसी दौरान वे सुद्धोवाला क्षेत्र में ही एक कमरा किराए पर लेकर रह रही थीं। बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं को पिछले कुछ समय से इस कमरे में संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी युवकों की आवाजाही की गुप्त सूचना मिल रही थी।


​सूचना की पुष्टि करने के बाद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अचानक उक्त कमरे पर छापा मार दिया। कमरे के भीतर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। वहाँ दो युवतियों के साथ तीन युवक मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने जब युवकों से उनकी पहचान पूछी, तो उनके नाम और पहचान अलग समुदाय के निकले, जिसके बाद मौके पर हंगामा खड़ा हो गया।

​आरोपियों की हुई पहचान, डस्टबिन से मिली आपत्तिजनक सामग्री

​पकड़े गए युवकों की पहचान आकिब (निवासी गुरुग्राम, हरियाणा), कबीर (निवासी मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश) और एल्फेन्स (निवासी ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि ये तीनों युवक भी देहरादून के ही एक प्रतिष्ठित कॉलेज के छात्र हैं। वहीं, दोनों युवतियों ने अपनी पहचान चमोली और हल्द्वानी निवासी के रूप में बताई है।


​बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, तलाशी के दौरान कमरे की स्थिति बेहद संदिग्ध पाई गई। कमरे के डस्टबिन से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और अन्य वस्तुएं बरामद हुईं, जिससे वहां अनैतिक गतिविधियां संचालित होने का अंदेशा जताया जा रहा है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें संगठन के कार्यकर्ता और युवक-युवतियां दिखाई दे रहे हैं।

​मोबाइल खंगालने पर मिले हिजाब पहने फोटो और वीडियो

​हंगामे के दौरान जब स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने युवकों के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मोबाइल की गैलरी में दोनों हिंदू छात्राओं की हिजाब (स्कार्फ) पहने हुए तस्वीरें मिलीं। इसके अलावा, फोन के भीतर कुछ अन्य आपत्तिजनक वीडियो और चैट भी पाए गए हैं।


​जब युवतियों से इस संबंध में कड़ाई से पूछा गया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे यहां पढ़ाई के सिलसिले में आई थीं और अपनी मर्जी से इन मुस्लिम युवकों के साथ काफी समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। हालांकि, मोबाइल में हिजाब वाली तस्वीरों के मिलने के बाद इस मामले में धर्मांतरण के प्रयास या किसी अन्य साजिश के कोण से भी कयास लगाए जाने लगे हैं।

​पुलिस की हिरासत में तीनों युवक, जांच जारी

​कमरे में हंगामे और विवाद की स्थिति को देखते हुए तुरंत प्रेमनगर कोतवाली पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपी युवकों—आकिब, कबीर और एल्फेन्स को हिरासत में ले लिया और उन्हें अपने साथ कोतवाली ले गई।

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​प्रेमनगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि तीनों युवकों से बंद कमरे में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह सामान्य लिव-इन का मामला है या इसके पीछे युवतियों को बहला-फुसलाकर किसी अन्य प्रकार के नेटवर्क या साजिश में फंसाने की कोशिश की जा रही थी। छात्राओं के परिजनों को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है।

​स्थानीय निवासियों में आक्रोश, वेरिफिकेशन पर उठे सवाल

​इस घटना के बाद सुद्धोवाला और आसपास के छात्र बहुल इलाकों में स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले छात्रों को बिना उचित पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) के कमरा किराए पर दे दिया जाता है, जिससे इस प्रकार की संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां पनप रही हैं।

दक्षिणपंथी संगठनों ने मांग की है कि देहरादून के सभी शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के छात्र आवासों और किराए के कमरों का बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया जाए ताकि देवभूमि की जनसांख्यिकी और सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ न हो सके।
​पुलिस प्रशासन ने स्थानीय मकान मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी किराएदार को रखने से पहले उनके पहचान पत्रों की जांच करें और अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन फॉर्म भरें। फिलहाल, पुलिस मामले की तकनीकी और व्यावहारिक जांच में जुटी है, और युवतियों के बयान दर्ज होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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