देहरादून में विदेश रोजगार दिलाने की आड़ में बड़े पैमाने पर ठगी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। होटल मैनेजमेंट के कई छात्रों के साथ-साथ विदेश जाने की इच्छा रखने वाले अन्य युवाओं को भी जालसाजों ने अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से नकली वीजा, टिकट और फर्जी दस्तावेज थमाते हुए लाखों रुपये हड़प लिए।
होटल मैनेजमेंट छात्रों से 25 लाख की ठगी, एयरपोर्ट से लौटे सभी युवक
नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज FIR के अनुसार धर्मपुर निवासी नलिन मुलासी, जो होटल मैनेजमेंट में गेस्ट लेक्चरर हैं, ने बताया कि उन्हें 29 अक्टूबर 2024 को एक व्हाट्सएप मैसेज मिला। संदेश में कहा गया था कि विदेश के बार और होटल में नौकरी उपलब्ध है। खुद को विकम गुसांई नामक व्यक्ति ने रिधान्या प्लेसमेंट सर्विस का मैनेजर बताया।
विकम ने दावा किया कि उनका ऑफिस स्वराज प्लाजा, राजपुर रोड में है, और वह ऑनलाइन ही प्लेसमेंट का काम संभालता है। पहले उसने कुछ छात्रों—मनीष को ओमान, प्रवीण को कुवैत और जयवीर को मालदीव—में नौकरी लगवाने की बात कहकर भरोसा जीत लिया।
बाद में मार्च 2025 में उसने बताया कि मालदीव पैराडाइज आइलैंड रिज़ॉर्ट में 12 युवाओं की वेकेंसी है। कागज़ात जमा कराने के बाद उसने छात्रों से करीब 25 लाख रुपये वसूल लिए और उन्हें वीजा व हवाई टिकट सौंप दिए।
लेकिन जब छात्र दिल्ली, मुंबई और मालदीव एयरपोर्ट पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं। वीजा अमान्य होने के कारण सभी को एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया गया।
शिकायतकर्ता ने जब विकम से संपर्क करना चाहा तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। उनके कथित ऑफिस जाकर पता चला कि ठगी के आरोपों के चलते वह पहले ही हटाया जा चुका है।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह रकम इरहान खान, प्रियंका गुसांई, बालकृष्ण सिंह, सूरज सिंह बिष्ट, संदीप, अनिल कुमार, स्वाति लखेडा, कोनाल पांडे, अजय, सचिन और रवि रावत के खातों में ट्रांसफर कराई थी। पुलिस ने सभी 12 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नौकरी के नाम पर एक और ठगी: फर्जी वर्क परमिट देकर 3.80 लाख उड़ाए
इसी थाने में दर्ज दूसरे मामले में टिहरी गढ़वाल के जितेंद्र ने आरोप लगाया कि आशीष रतूड़ी नामक व्यक्ति ने उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने 3.80 लाख रुपये लेकर फर्जी वर्क परमिट थमा दिया।
थानाध्यक्ष संजीत कुमार के अनुसार, आशीष रतूड़ी के खिलाफ भी धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।
निष्कर्ष
देहरादून में विदेशी नौकरी के नाम पर लगातार बढ़ रहे फर्जीवाड़े ने युवाओं को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। पुलिस अब इन मामलों की गहन जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। विदेश जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को सावधान रहने और किसी भी प्लेसमेंट एजेंसी की पूरी जांच-पड़ताल करने की सलाह दी गई है।
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