अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

कोटद्वार की घटना पर दीपक कुमार की तारीफ, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने किया 2 लाख रुपये इनाम का ऐलान

On: February 3, 2026 10:48 AM
Follow Us:

रांची।उत्तराखंड के कोटद्वार में मुस्लिम बुजुर्ग के समर्थन में सामने आए दीपक कुमार इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाने का दबाव बनाने और धमकाने वाले कथित बजरंग दल समर्थकों का विरोध कर दीपक ने जिस साहस और इंसानियत का परिचय दिया, उसकी सराहना झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने खुलकर की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए दीपक कुमार को मोहब्बत, भाईचारे और एकता की मिसाल बताया। साथ ही उन्होंने दीपक को सम्मानित करने के लिए 2 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की है। मंत्री ने दीपक और मुस्लिम बुजुर्ग की AI जेनरेटेड तस्वीर साझा करते हुए दीपक को “सच्चा हिंदुस्तानी” करार दिया।

“सच्चे हिंदुस्तानी को सलाम” – इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपने पोस्ट में लिखा कि जब देश में नफरत फैलाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं, ऐसे माहौल में उत्तराखंड के दीपक ने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत की जो मिसाल पेश की है, उसने पूरे हिंदुस्तान को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
उन्होंने लिखा कि मुस्लिम बुजुर्ग का बचाव करते हुए दीपक ने जब खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया, तो यह सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक सोच, जज्बा और दिलेरी का प्रतीक था। मंत्री ने कहा कि इस साहसिक कदम के लिए वह दीपक को सलाम करते हैं।

“हिंदुस्तान की आत्मा में नफरत नहीं, मोहब्बत है”
इरफान अंसारी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी हिंदुस्तानी से नहीं है, बल्कि उस ब्रिटिश सोच से है जिसने देश को बांटने का काम किया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने आज़ादी के लिए जिस एकता और संघर्ष की भावना के साथ लड़ाई लड़ी थी, दीपक ने उसी भावना को आज फिर से जिंदा कर दिया है।
मंत्री ने ऐलान किया कि वह अपने चार महीने के वेतन में से 2 लाख रुपये दीपक को देंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि हिंदुस्तान की आत्मा में नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत और भाईचारा बसता है।

आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं दीपक
दीपक की तारीफ करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुस्लिम बुजुर्ग को बचाने के लिए उठाया गया कदम कोई मामूली घटना नहीं है। यह गंगा-जमुनी तहजीब की उस गहरी लकीर को दर्शाता है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
उन्होंने कहा कि खुद को “मोहम्मद दीपक” बताकर दीपक ने देश की असली खूबसूरती दुनिया के सामने रख दी है। यह उन लोगों के लिए करारा तमाचा है जो नफरत फैलाकर राजनीति करना चाहते हैं। दीपक ने साबित कर दिया कि आखिरकार नफरत पर मोहब्बत ही जीतती है।

झारखंड बुलाकर सम्मानित करेंगे दीपक
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि वह जल्द ही दीपक को झारखंड बुलाकर खुद अपने हाथों से सम्मानित करेंगे। उन्होंने साफ किया कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सोच का होगा जो देश को जोड़ती है, तोड़ती नहीं।

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि 26 जनवरी को उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ नाम से दुकान चलाने वाले मुस्लिम बुजुर्ग वकील अहमद पर कुछ लोगों ने दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाने का दबाव बनाया था।
इसी दौरान दीपक कुमार बुजुर्ग के बचाव में सामने आए। माहौल गर्म होने पर जब भीड़ ने दीपक से उनका नाम पूछा, तो उन्होंने खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया और कहा—“बताओ, क्या करना है?”
यही पल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और दीपक देशभर में भाईचारे की मिसाल बनकर उभरे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment