पहाड़ों की रानी मसूरी उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गई, जब हेमकुंड कंपाउंड के पास बने एक निर्माणाधीन होटल का भारी-भरकम मलबा नीचे बसे एक आवासीय मकान पर जा गिरा। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। मलबे के गिरते ही घर की दीवारें जोर से कांप उठीं और अंदर मौजूद लोग चीख-पुकार करते हुए जान बचाने की कोशिश में जुट गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला मलबे की चपेट में आ गईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया।
बाल-बाल बची तीन जिंदगियां
जानकारी के अनुसार हादसे के वक्त घर के अंदर कपूरी देवी (90 वर्ष), उनकी बेटी कल्पना शर्मा (45 वर्ष) और रोहित शर्मा (25 वर्ष) मौजूद थे। मलबा गिरने के बाद घर के अंदर और बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग महिला को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़िता का आरोप: “यह हादसा नहीं, लालच और लापरवाही का नतीजा है”
हादसे के बाद अपने टूटे घर को देखकर कल्पना शर्मा की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति की ओर से होटल का निर्माण कराया जा रहा था, वह लंबे समय से घर खाली करने का दबाव बना रहा था।
कल्पना का कहना है कि निर्माण स्थल से बार-बार मलबा उनके मकान के ऊपर फेंका जा रहा था, जिससे पहले भी दीवारें कमजोर हो चुकी थीं। उन्होंने कहा –
“यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि लापरवाही और लालच की वजह से हुआ है। मैं पिछले 30 साल से इसी मकान में रह रही हूं। मेरे पति राधेश्याम शर्मा की 15 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। तब से मैं अपनी बूढ़ी मां और बेटे के साथ किसी तरह जिंदगी चला रही हूं। माल रोड पर पटरी पर चूरन बेचकर गुजारा करती थी, लेकिन अब तीन महीने से पटरी भी नहीं लगा पा रही हूं। अब तो घर भी उजड़ गया है।”
कल्पना ने भावुक होकर कहा –
“मेरी मां और बेटा तो बच गए, लेकिन अब हम कहां जाएं? मकान टूट गया, रोज़ी-रोटी बंद है, और अब सिर पर छत भी नहीं रही। अगर सरकार और प्रशासन ने मदद नहीं की तो हम इसी टूटे घर में दम तोड़ देंगे।”
पीड़िता ने लगाई मदद की गुहार
कल्पना शर्मा ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से रहने के लिए सुरक्षित आश्रय देने और मकान के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस हादसे के जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि दोबारा ऐसी लापरवाही न हो।
एमडीडीए अधिकारियों का निरीक्षण, कार्रवाई का आश्वासन
हादसे की जानकारी मिलते ही मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि यदि निर्माण कार्य नियमों के विरुद्ध पाया गया, तो संबंधित मालिक और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और होटल निर्माण से जुड़े दस्तावेज़ों की भी जांच की जा रही है।
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