देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी देहरादून में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने राजभवन (लोक भवन) की ओर कूच किया। कूच से पहले परेड ग्राउंड में विशाल जनसभा आयोजित की गई, जहां नेताओं ने राज्य सरकार पर अपराध, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, बेरोजगारी और आपदा प्रबंधन में विफलता जैसे मुद्दों पर जमकर हमला बोला।
परेड ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब
16 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में परेड ग्राउंड पहुंचे। सभा में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया।
“प्रदेश में जंगलराज जैसी स्थिति” – यशपाल आर्य
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार के कुशासन से मुक्ति दिलाने के लिए जनता सड़कों पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रचंड बहुमत की सरकार जनादेश का सम्मान करने में विफल रही है और राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा। पहाड़ों में स्कूल बंद किए जा रहे हैं और अस्पतालों की हालत बदहाल है।
आर्य ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों—धराली, बूढ़ा केदार, घनसाली, जोशीमठ, थराली, मुनस्यारी, धारचूला और तराई—का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को अभी तक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धराली में अभी भी करीब 140 शव मलबे में दबे हैं, लेकिन सरकार ने इस पर चुप्पी साध रखी है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पोस्टर-बैनर हटाकर आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई, मगर यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है।
“जनता खुद जुड़ रही है आंदोलन से” – करन माहरा
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि इस प्रदर्शन में केवल कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि आम जनता भी बड़ी संख्या में शामिल हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधी खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और महिला अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने भर्ती घोटालों, युवाओं में बढ़ती निराशा, गन्ना किसानों के समर्थन मूल्य के मुद्दे और सेब उत्पादकों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि विभागों की कार्यशैली से लोग परेशान हैं। प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कांग्रेस निर्णायक लड़ाई लड़ रही है।
“15 दिनों में पांच हत्याएं” – हरक सिंह रावत
चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने दावा किया कि देहरादून जिले में 15 दिनों के भीतर पांच हत्याएं हो चुकी हैं, जिससे जनता में भय का माहौल है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ों में लोग जंगली जानवरों के आतंक से परेशान हैं। कांग्रेस का यह आंदोलन प्रदेश में शांति व्यवस्था कायम करने, युवाओं को रोजगार दिलाने, पेपर लीक और नकल माफिया पर रोक लगाने तथा भू-माफिया और शराब माफिया से प्रदेश को मुक्त कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
लोक भवन कूच के दौरान पुलिस ने रोका
जनसभा के बाद हजारों कांग्रेसी लोक भवन की ओर कूच के लिए निकले, लेकिन हाथी बड़कला क्षेत्र में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उनके समर्थकों ने पहला बैरिकेड पार कर लिया और मुख्य बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा और मौके पर हल्का तनाव भी देखने को मिला।
कांग्रेस का एलान: आंदोलन जारी रहेगा
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि जब तक राज्य में कानून व्यवस्था सुधरती नहीं, युवाओं को रोजगार नहीं मिलता और अपराध पर नियंत्रण नहीं होता, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने इसे प्रदेश की जनता के हितों की लड़ाई बताया और आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज करने के संकेत दिए।








