देहरादून/कोलकाता: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होली का पर्व संपन्न होते ही मिशन मोड में आ गए हैं। देवभूमि की राजनीति में अपनी धाक जमाने के बाद अब धामी भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में हुंकार भरने के लिए रवाना हो चुके हैं। बुधवार दोपहर को देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री ने कोलकाता के लिए उड़ान भरी। उनका यह दौरा पश्चिम बंगाल में चल रही भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ को धार देने और पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ममता सरकार पर तीखा प्रहार
रवानगी से पूर्व मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। सीएम धामी ने कहा कि बंगाल की जनता वर्तमान सरकार के कुशासन से त्रस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां तुष्टिकरण की राजनीति चरम पर है और घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा और अत्याचारों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है, लेकिन अब जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है।
परिवर्तन यात्रा और पीएम की मेगा रैली
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के संकल्प के साथ 1 मार्च 2026 से ‘परिवर्तन यात्रा’ का आगाज किया है। यह यात्रा राज्य के विभिन्न कोनों से गुजरते हुए जनता को सरकार की विफलताओं से अवगत करा रही है। इस अभियान का समापन 15 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक विशाल जनसभा के साथ होगा। सीएम धामी इसी सिलसिले में 5 मार्च को विभिन्न कार्यक्रमों और रैलियों में शामिल होंगे, जहां वे उत्तराखंड के विकास मॉडल और केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं का उदाहरण पेश कर बंगाल की जनता को लुभाने का प्रयास करेंगे।
मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी बुधवार शाम करीब 6:30 बजे कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। वहां स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। रात्रि विश्राम कोलकाता के एक निजी होटल में करने के बाद, गुरुवार 5 मार्च को वे परिवर्तन यात्रा के मुख्य आयोजनों में शिरकत करेंगे। सूत्रों के अनुसार, धामी उन क्षेत्रों में विशेष रूप से जनसभाएं कर सकते हैं जहाँ हिंदी भाषी और प्रवासी आबादी अधिक है, ताकि भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार किया जा सके।
डबल इंजन सरकार का आह्वान
पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि जिस तरह देश के अन्य राज्यों में जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए ‘डबल इंजन’ की सरकार चुनी है, वैसा ही दृश्य पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “बंगाल की जनता अब अपराध, भ्रष्टाचार और भय के माहौल से मुक्ति चाहती है। उन्हें विश्वास है कि केवल भाजपा ही बंगाल को उसका खोया हुआ गौरव वापस दिला सकती है।” धामी ने जोर देकर कहा कि बंगाल में भाजपा की लहर है और आगामी विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले होंगे।
सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम धामी को बंगाल भेजने के पीछे भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है। धामी की छवि एक युवा, ऊर्जावान और कड़े फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री की है। हाल के दिनों में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) और नकल विरोधी कानून जैसे कड़े कदम उठाकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि उनके इस ‘कठोर और सुशासक’ चेहरे का लाभ बंगाल चुनाव में मिले, ताकि वहां के मतदाताओं को एक सुरक्षित और विकसित भविष्य का भरोसा दिलाया जा सके।
अब देखना यह होगा कि देवभूमि के इस युवा चेहरे की सक्रियता पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर कितना प्रभाव डालती है, लेकिन सीएम धामी के तेवरों ने बंगाल की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है।
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