Champat Rai Dehradun Visit: 5 Big Highlights on Ram Movement
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Champat Rai Dehradun Visit: चंपत राय ने साझा की राम जन्मभूमि आंदोलन की यादें, अशोक सिंघल को किया याद!

On: October 12, 2026 7:23 AM
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Champat Rai Dehradun Visit during the Ashok Singhal birth centenary programme, recalling the Ram Janmabhoomi movement with CM Pushkar Singh Dhami.

Champat Rai Dehradun Visit: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी पुरानी यादें ताजा हुईं। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान चंपत राय ने अशोक सिंघल के जीवन, संगठन के लिए उनके योगदान और राम जन्मभूमि आंदोलन के विभिन्न पड़ावों का जिक्र किया। उन्होंने संतों की धर्म संसद के गठन और अयोध्या, काशी तथा मथुरा से जुड़े विषयों पर भी अपने विचार रखे। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद की पत्रिका ‘विश्व हिंदू’ के अशोक सिंघल पर प्रकाशित विशेषांक का विमोचन भी किया गया।

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देहरादून में अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम का उद्घाटन

देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम का केंद्र अशोक सिंघल का जीवन और सामाजिक-संगठनात्मक योगदान रहा। विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे अशोक सिंघल ने राम जन्मभूमि आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों से आंदोलन को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में मदद मिली।

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कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके विचारों, संगठन के प्रति समर्पण और संत समाज के साथ उनके संपर्कों को याद किया। इस आयोजन के माध्यम से उनके जीवन और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी भी खास रही। कार्यक्रम में चंपत राय ने पुराने दिनों को याद करते हुए अशोक सिंघल की संगठनात्मक यात्रा और विश्व हिंदू परिषद की भूमिका पर चर्चा की।

चंपत राय ने साझा की राम जन्मभूमि आंदोलन की यादें

विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ने अपने संबोधन में राम जन्मभूमि से जुड़े इतिहास के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख किया। उन्होंने अशोक सिंघल के साथ जुड़े पुराने प्रसंगों को याद किया और बताया कि किस तरह संगठन के स्तर पर अलग-अलग प्रयास आगे बढ़े।

चंपत राय ने संतों की धर्म संसद के गठन का भी जिक्र किया। उनके संबोधन में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान संतों और धार्मिक संगठनों की भूमिका प्रमुख रही। उन्होंने अयोध्या के साथ काशी और मथुरा से जुड़े विषयों पर भी बात की।

कार्यक्रम में उन्होंने ‘हिंदू हम सब एक’ की भावना से जुड़े गीत का उल्लेख किया। इस प्रसंग के जरिए उन्होंने एकता और सामूहिक प्रयास के विचार को सामने रखा। उनका संबोधन मुख्य रूप से राम जन्मभूमि आंदोलन की ऐतिहासिक यात्रा और उसमें अशोक सिंघल के योगदान पर केंद्रित रहा।

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Champat Rai Dehradun Visit: अशोक सिंघल की संगठनात्मक यात्रा पर हुई चर्चा

अशोक सिंघल विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख चेहरों में रहे। राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने संतों, धार्मिक नेताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद स्थापित करने में भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन से जोड़ने की कोशिश की गई।

देहरादून के कार्यक्रम में उनकी संगठनात्मक यात्रा को याद करते हुए विश्व हिंदू परिषद के कार्यों का भी उल्लेख किया गया। इस दौरान आंदोलन से जुड़े पुराने अनुभवों और उस समय की परिस्थितियों पर चर्चा हुई।

अशोक सिंघल का योगदान केवल संगठन के भीतर तक सीमित नहीं रहा। राम जन्मभूमि आंदोलन को देशव्यापी चर्चा का विषय बनाने में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। कार्यक्रम में उन्हें याद करने का उद्देश्य उनके कार्यों और विचारों को सामने लाना रहा।

सीएम धामी बोले- राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका स्मरणीय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, अशोक सिंघल ने इस आंदोलन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सीएम धामी ने वर्ष 1984 में दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पहली धर्म संसद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से लेकर आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप देने तक अशोक सिंघल के प्रयास महत्वपूर्ण रहे। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास कर संतों, धर्माचार्यों और समाज के अलग-अलग वर्गों को साझा उद्देश्य से जोड़ने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल भगवान श्रीराम के आदर्शों को भारतीय समाज के जीवन-मूल्यों का आधार मानते थे। मर्यादा, सेवा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुणों को अपनाकर ही एक सशक्त, संस्कारित और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मंदिर का निर्माण देश की आस्था और सांस्कृतिक चेतना के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

सीएम धामी ने भावुक अंदाज में कहा कि यदि अशोक सिंघल आज हमारे बीच होते, तो श्रीराम मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर उन्हें बहुत प्रसन्नता होती। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लोगों के लंबे प्रयासों और आस्था का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

मुख्यमंत्री के संबोधन में अशोक सिंघल के योगदान और भगवान श्रीराम के आदर्शों को सामाजिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने सेवा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

विश्व हिंदू पत्रिका के विशेषांक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद की पत्रिका ‘विश्व हिंदू’ के अशोक सिंघल पर प्रकाशित विशेषांक का विमोचन भी किया गया। इस विशेषांक के माध्यम से उनके जीवन, विचारों और संगठनात्मक योगदान को सामने लाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में चंपत राय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रवींद्र पुरी की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। वक्ताओं ने अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन के इतिहास पर प्रकाश डाला।

Champat Rai Dehradun Visit के दौरान हुए इस आयोजन में राम जन्मभूमि आंदोलन की यादों के साथ अशोक सिंघल की भूमिका और उनके विचारों पर चर्चा केंद्र में रही। कार्यक्रम ने उनके जीवन और योगदान को याद करने का अवसर दिया।

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