Captain Smit Machhar की अदम्य बहादुरी और सूझबूझ की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में 33,000 फीट की ऊंचाई पर जो कुछ भी हुआ, उसने विमानन इतिहास में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला अध्याय जोड़ दिया है। गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद Captain Smit Machhar ने हार नहीं मानी और एक भीषण विमान हादसे को होने से रोक लिया।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू सहित वैश्विक नेताओं ने Captain Smit Machhar के इस अदम्य साहस को सलाम किया है। आइए जानते हैं कि कॉकपिट के भीतर 33,000 फीट की ऊंचाई पर क्या घटा था और Captain Smit Machhar ने किस तरह सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।
Captain Smit Machhar और कॉकपिट में 33,000 फीट पर खूनी संघर्ष
दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 सामान्य रूप से अपनी उड़ान भर रही थी। विमान में 174 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। प्लेन की कमान भारतीय मूल के Captain Smit Machhar के हाथों में थी और उनके साथ ओमान का एक को-पायलट मौजूद था।
जब विमान आसमान में करीब 33,000 फीट की ऊंचाई पर था, तभी ओमानी को-पायलट की नीयत अचानक बदल गई। उसने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथों में लेकर उसे क्रैश करने की साजिश रची। जब मुख्य पायलट Captain Smit Machhar ने इसका विरोध किया, तो हमलावर को-पायलट ने चाकू निकालकर उन पर कई वार कर दिए। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से Captain Smit Machhar बुरी तरह जख्मी होकर खून से लथपथ हो गए।
30 सेकंड में 17,000 फीट नीचे गिरा प्लेन: Captain Smit Machhar की सूझबूझ
हमले के दौरान ही विमान तेजी से असंतुलित होकर नीचे की ओर गोता लगाने लगा। महज 30 सेकंड के भीतर फ्लाइट 33,000 फीट की ऊंचाई से गिरकर 17,000 फीट पर आ पहुंची। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है।
गंभीर रूप से चोटिल होने और शरीर से अत्यधिक खून बहने के बावजूद Captain Smit Machhar ने अपनी हिम्मत बनाए रखी। उन्होंने हमलावर को कॉकपिट के मुख्य नेविगेशन और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम को पूरी तरह नष्ट नहीं करने दिया। Captain Smit Machhar लगातार कॉकपिट के स्टीयरिंग और कंट्रोल को थामे रहे, ताकि प्लेन अनियंत्रित होकर सीधा जमीन या समुद्र में न गिर जाए।
स्क्वॉक 7700 और 7500 कोड: Captain Smit Machhar ने ऐसे भेजा इमरजेंसी अलर्ट
कॉकपिट में मचे घमासान के बीच Captain Smit Machhar ने अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। उन्होंने ट्रांसपोंडर का उपयोग करके तुरंत दो इमरजेंसी स्क्वॉक कोड (Squawk Codes) ग्राउंड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को भेजे:
- Squawk 7700: यह जनरल इमरजेंसी (General Emergency) का कोड होता है, जो यह दर्शाता है कि विमान किसी गंभीर तकनीकी या चिकित्सीय समस्या से जूझ रहा है।
- Squawk 7500: यह कोड गैर-कानूनी हस्तक्षेप या हाईजैक (Unlawful Interference/Hijack) का संदेश देता है।
इन कोड्स के ग्राउंड कंट्रोल तक पहुँचते ही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां और एयर ट्रैफिक कंट्रोल तुरंत अलर्ट मोड में आ गए। शुरुआत में इस तरह के सिग्नल्स मिलने से विमान के हाईजैक होने की खबरें फैल गईं, लेकिन Captain Smit Machhar का मुख्य उद्देश्य ग्राउंड टीमों तक तत्काल संदेश पहुंचाना था।
यात्रियों और क्रू ने कॉकपिट खोलकर हमलावर को दबोचा
विमान के असंतुलित होने और कॉकपिट के अंदर से आती चीखों को सुनकर यात्रियों और केबिन क्रू को अनहोनी की आशंका हुई। जख्मी हालत में Captain Smit Machhar ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए अंदर से कॉकपिट का मजबूत दरवाजा अनलॉक कर दिया।
दरवाजा खुलते ही कुछ जांबाज यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने तुरंत कॉकपिट के अंदर प्रवेश किया और चाकू से हमला कर रहे ओमानी को-पायलट को दबोच लिया। यात्री और क्रू मेंबर्स ने उसे काबू में करके बांध दिया। इसके बाद प्लेन में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट (Tabuk Airport) की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी इमरजेंसी और सेफ लैंडिंग कराई गई।
PM मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने Captain Smit Machhar को बताया ‘सच्चा हीरो’
लैंडिंग के तुरंत बाद Captain Smit Machhar को सऊदी अरब के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस साहसिक कारनामे के बाद दुनिया भर के दिग्गज नेताओं ने उनकी प्रशंसा की है:
- इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू: नेतन्याहू ने कहा, “मैंने फ्लाइट में सवार यात्रियों से बात की है। भारतीय पायलट ने जिस असाधारण वीरता का परिचय दिया, उसने 174 लोगों की जिंदगी बचा ली। जख्मी होने के बाद भी उनका संघर्ष मिसाल है।”
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम मोदी ने भी Captain Smit Machhar के साहस और जज्बे की तारीफ करते हुए उन्हें देश का सच्चा हीरो बताया।
मुंबई के रहने वाले Captain Smit Machhar के पास कमर्शियल एविएशन का 10 साल से भी ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने स्पाइसजेट से लेकर फ्लाईदुबई तक हजारों घंटे उड़ान भरी है। आज उनकी इसी ट्रेनिंग और अटूट हौसले की बदौलत 174 परिवारों की खुशियां कायम हैं।
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