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उत्तराखंडवासियों को बड़ी राहत: दिल्ली के लिए बस सेवाएं रहेंगी पहले की तरह सुचारु

On: December 18, 2025 6:16 AM
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उत्तराखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब उत्तराखंड से दिल्ली के बीच बसों का संचालन पहले की तरह बिना किसी बाधा के जारी रहेगा। दिल्ली में पुरानी डीजल बसों पर गुरुवार सुबह से लगने वाले प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार शाम लगाई गई रोक के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम ने राहत की सांस ली है।

दरअसल, बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने गुरुवार से पुरानी डीजल बसों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इस फैसले से उत्तराखंड परिवहन निगम की बड़ी संख्या में बसें प्रभावित होने वाली थीं। वर्तमान में निगम की दिल्ली मार्ग पर संचालित कुल 540 बसों में से 192 बसें बीएस-4 श्रेणी की डीजल हैं, जो सीधे तौर पर प्रतिबंध के दायरे में आ रही थीं। संभावित चालान या बसों के सीज होने की आशंका को देखते हुए निगम ने बुधवार को ही दिल्ली जाने वाली बीएस-4 बसों की संख्या में कटौती कर दी थी।

बुधवार शाम तक निगम प्रबंधन काफी चिंतित नजर आ रहा था, लेकिन जैसे ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी मिली, स्थिति पूरी तरह बदल गई। इस फैसले से न सिर्फ परिवहन निगम को राहत मिली, बल्कि दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी भी टल गई। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड से दिल्ली मार्ग पर प्रतिदिन करीब 40 से 50 हजार यात्री सफर करते हैं।

दिल्ली सरकार पिछले चार वर्षों से प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से डीजल बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध की तैयारी कर रही थी। वर्ष 2021 से ही उत्तराखंड परिवहन निगम समेत अन्य राज्यों के परिवहन निगमों को पत्र भेजकर एक अक्टूबर से बीएस-3 और बीएस-4 डीजल बसों पर रोक लगाने की चेतावनी दी जा रही थी। अगस्त महीने में भी दिल्ली सरकार ने इस संबंध में चेतावनी पत्र भेजा था, हालांकि त्योहारी सीजन और राज्य सरकार के अनुरोध के बाद बसों को सशर्त छूट दी गई थी। इसी दौरान दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ गया, जिसके चलते गुरुवार से सभी पुरानी बीएस-4 बसों और अन्य वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश जारी कर दिया गया था।

इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नया आदेश जारी किया, जिसके तहत 10 वर्ष तक पुरानी बीएस-4 डीजल और 15 वर्ष तक पुरानी बीएस-4 पेट्रोल वाहनों को अस्थायी राहत प्रदान की गई है।

वोल्वो बसों को लेकर निगम की चिंता बरकरार

उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए सुपर डीलक्स वोल्वो बसें बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग में ये बसें अक्सर पूरी तरह भरी रहती हैं और दिल्ली मार्ग पर सबसे अधिक वोल्वो बसों का संचालन किया जाता है। निगम के पास कुल 53 वोल्वो बसें हैं, जिनमें से 23 अकेले देहरादून से दिल्ली के बीच चलती हैं।

हालांकि चिंता की बात यह है कि इनमें से केवल 12 वोल्वो बसें ही बीएस-6 श्रेणी की हैं, जबकि शेष सभी बीएस-4 श्रेणी में आती हैं। यदि दिल्ली में दोबारा सख्त प्रतिबंध लागू होता है, तो केवल यही 12 बसें दिल्ली जा सकेंगी। ये बसें मेरठ एक्सप्रेस-वे से होते हुए नोएडा मार्ग से नॉन-स्टॉप दिल्ली पहुंचती हैं और उच्च वर्ग के यात्री इन्हीं बसों को प्राथमिकता देते हैं। इसके बावजूद निगम प्रबंधन नई बीएस-6 वोल्वो बसों की खरीद को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।

दिल्ली जाने के योग्य सिर्फ 130 अपनी बसें

परिवहन निगम के पास अपनी कुल 130 बीएस-6 डीजल बसें ही ऐसी हैं, जो किसी भी प्रतिबंध की स्थिति में दिल्ली जा सकती हैं। इसके अलावा दिल्ली जाने के लिए जो बसें अनुमन्य हैं, उनमें अधिकांश अनुबंधित हैं। इनमें 190 अनुबंधित सीएनजी बसें और शेष अनुबंधित बीएस-6 डीजल बसें शामिल हैं।

प्रदूषण प्रमाण-पत्र अनिवार्य

निगम प्रबंधन ने दिल्ली जाने वाली सभी बसों के लिए प्रदूषण जांच प्रमाण-पत्र अनिवार्य कर दिया है। बिना वैध प्रमाण-पत्र के किसी भी बस को दिल्ली भेजने पर रोक लगा दी गई है। सभी डिपो प्रबंधकों को बसों के प्रदूषण प्रमाण-पत्रों की सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

बुधवार को एहतियातन बीएस-4 बसों की संख्या घटाकर संचालन किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब दिल्ली मार्ग पर पहले की तरह बसों का सुचारु संचालन शुरू कर दिया गया है। निगम के अनुसार, दिल्ली भेजी जाने वाली कोई भी बस 10 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं है।

सुरेश चौहान, मंडल प्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम

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