Balod Acid Attack: छत्तीसगढ़ के बालोद में छात्रा पर हुए एसिड अटैक ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। सिंचाई कॉलोनी के पास 5 अक्टूबर को दिनदहाड़े एक छात्रा के चेहरे पर एसिड फेंक दिया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे कोई अजनबी नहीं, बल्कि छात्रा का कथित प्रेमी और उसका दोस्त शामिल थे। पुलिस ने मामले में यश कुमार सोनकर और करण कुंजाम को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा और यश के बीच करीब डेढ़ साल से संबंध थे। छात्रा की किसी दूसरे युवक से बातचीत और शादी की चर्चा को लेकर यश कथित तौर पर नाराज था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी शक और कथित ईर्ष्या के चलते उसने अपने स्कूल के दोस्त करण के साथ मिलकर हमले की साजिश रची।
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Balod Acid Attack तीन महीने पहले बनाई गई थी कथित साजिश
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी ने वारदात को अचानक अंजाम नहीं दिया था। कथित तौर पर करीब तीन महीने पहले हमले की योजना बनाई गई थी। इसके बाद 26 सितंबर को करण भैरमगढ़ से बालोद पहुंचा और दोनों ने दुर्ग के केलाबाड़ी इलाके से सल्फ्यूरिक एसिड खरीदा।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
आरोपियों ने अगले दिन यानी 27 सितंबर को हमला करने की तैयारी की थी। हालांकि, गणेश विसर्जन के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी देखकर उन्होंने उस दिन योजना टाल दी। पुलिस का कहना है कि इसके बाद दोनों किसी दूसरे मौके की तलाश में थे।
इस घटनाक्रम ने एसिड की बिक्री और उसके इस्तेमाल की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
Balod Acid Attack लाइब्रेरी से लौट रही थी छात्रा, रास्ते में हमला
5 अक्टूबर को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे छात्रा लाइब्रेरी से अपने घर लौट रही थी। पुलिस के मुताबिक, जब वह सिंचाई कॉलोनी के पास पहुंची तो करण ने कथित तौर पर यश के इशारे पर उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया।
अचानक हुए हमले से छात्रा चीखने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभाला और परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद छात्रा को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
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हमले के बाद अलग-अलग दिशाओं में भागे आरोपी
वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, करण तांदुला डैम की तरफ भागा और वहां से लिफ्ट लेकर झलमला, मरकाटोला और चारामा की ओर निकल गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। जांच टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान यश ने शुरुआत में अलग-अलग बातें बताकर जांच को भटकाने की कोशिश की। हालांकि बाद में पूछताछ के दौरान कथित साजिश की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने करण को कोंडागांव से पकड़ा
जांच के दौरान पुलिस को यश से पूछताछ के आधार पर करण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए करण को कोंडागांव से हिरासत में लिया।
पुलिस ने दोनों से पूछताछ के बाद कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल एसिड और घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए हैं। इन वस्तुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया।
घटनास्थल पर कराया गया क्राइम सीन रिक्रिएशन
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर भी लेकर गई। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में वारदात का रिक्रिएशन कराया गया।
पुलिस के मुताबिक, करण ने घटनास्थल पर यह बताया कि छात्रा पर कथित तौर पर किस तरह एसिड फेंका गया और इसके बाद वह किस रास्ते से वहां से फरार हुआ।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य पुलिस के मुताबिक घटनाक्रम को समझना और जांच में सामने आए तथ्यों का घटनास्थल से मिलान करना था।
आरोपियों को लेकर सड़क पर दिखा लोगों का गुस्सा
मंगलवार को पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर निकली। इस दौरान पुलिस ने दोनों का मुंडन कराया और उन्हें दल्ली चौक से न्यायालय तक पैदल ले जाया गया।
घड़ी चौक के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वहां भीड़ ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ लोगों ने आरोपियों के चेहरे पर स्याही पोती और उन्हें जूते-चप्पलों की माला पहनाई।
मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। भीड़ की ओर से आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग भी की गई।
हेलमेट पहनाकर जेल ले गई पुलिस
अदालत में पेशी के बाद शाम करीब 6:05 बजे दोनों आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी किया गया। इसके बाद उन्हें जिला जेल भेज दिया गया।
भीड़ के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को सुरक्षा घेरे में रखा। जेल ले जाते समय उन्हें हेलमेट पहनाकर पुलिस वाहन से रवाना किया गया, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अधिवक्ता संघ ने पैरवी से इनकार किया
घटना को लेकर बालोद जिला अधिवक्ता संघ ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संघ के अध्यक्ष सुनील सोनी के अनुसार, अधिवक्ता समुदाय घटना से आक्रोशित है और संघ के सदस्यों ने आरोपियों की ओर से पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में संघ की बैठक भी प्रस्तावित बताई गई है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ अंतिम कानूनी कार्रवाई अदालत में चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
एसिड की बिक्री पर उठे बड़े सवाल
Balod Acid Attack ने केवल आरोपियों की भूमिका को लेकर ही सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि एसिड की बिक्री और उसकी निगरानी की व्यवस्था पर भी बहस छेड़ दी है।
पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर आरोपियों ने काफी पहले हमले की योजना बनाई थी और इसके लिए एसिड भी खरीदा था। इसके बावजूद वारदात को अंजाम देने से पहले उन्हें रोका नहीं जा सका।
अब यह सवाल अहम है कि प्रतिबंधित या खतरनाक रसायनों की बिक्री पर निगरानी कितनी प्रभावी है और ऐसे पदार्थों की खरीद के बाद उनकी जांच या रिकॉर्डिंग की क्या व्यवस्था है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। छात्रा का अस्पताल में इलाज जारी है और जांच एजेंसी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।













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