अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

बदरीनाथ धाम : कपाट बंद होने की पवित्र प्रक्रिया शुरू, पंच पूजाओं के साथ होता है देवताओं का आगमन

On: November 21, 2025 7:58 AM
Follow Us:

बदरीनाथ धाम में शीतकाल के लिए कपाट बंद करने की परंपरागत प्रक्रिया आज से आरंभ हो गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बदरीनाथ मंदिर में छह माह तक मनुष्य पूजा-अर्चना करते हैं, जबकि शीतकाल में अगले छह माह देवताओं के अधीन पूजा का क्रम चलता है। ऐसा माना जाता है कि जैसे ही पंच पूजाओं की शुरुआत होती है, धाम में देव शक्तियों का आगमन होने लगता है और कपाट बंद होने के बाद पूरे छह माह तक वे ही भगवान बदरीविशाल की आराधना करते हैं।

पंच पूजाओं की यह प्रक्रिया कपाट बंद होने से पाँच दिन पहले शुरू होती है, जिसमें धाम के विभिन्न मंदिरों में इस सीजन की अंतिम पूजा-अर्चना कर कपाटों को विधि-विधान से बंद किया जाता है। बदरीनाथ की पंच पूजाएं अपनी अनूठी परंपराओं के लिए विशेष प्रसिद्ध हैं।

सबसे पहले गणेश मंदिर में पंच पूजाओं का शुभारंभ होता है। अंतिम दिन रावल की ओर से पूजा-अर्चना के बाद गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसके दूसरे दिन आदिकेदारेश्वर मंदिर में अन्नकूट महोत्सव आयोजित होता है, जिसमें भगवान शिव को पके चावलों का भोग अर्पित किया जाता है और शिवलिंग को अन्नकूट से आच्छादित कर मंदिर के द्वार बंद किए जाते हैं।

तीसरे दिन खड़क पुस्तक पूजन तथा वेद मंत्रों के वाचन की अंतिम प्रक्रिया संपन्न होती है। चौथे दिन माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित किया जाता है और विशेष पूजा संपन्न कर सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली जाती हैं। इसके बाद पाँचवें दिन मुख्य बदरीनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाते हैं।

पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल बताते हैं कि यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है जिसमें मानव और देवता बारी-बारी से पूजा का अधिकार संभालते हैं। वैशाख माह के आरंभ में फिर से मनुष्यों को भगवान की सेवा का अवसर मिलता है और धाम पुनः भक्तिमय वातावरण से भर उठता है।

कपाट बंद होने की तिथियाँ और कार्यक्रम

  • 21 नवंबर: बदरीनाथ भगवान का अभिषेक, गणेश मंदिर में विशेष पूजा और कपाट बंद
  • 22 नवंबर: आदिकेदारेश्वर मंदिर के कपाट अन्नकूट के बाद बंद
  • 23 नवंबर: बदरीनाथ मंदिर के सभा मंडप में पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन पूर्ण
  • 24 नवंबर: माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित, विशेष पूजाएँ
  • 25 नवंबर दोपहर 2:56 बजे: विधि-विधान से बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

इस प्रकार आध्यात्मिक और पारंपरिक विधियों के बीच बदरीनाथ धाम शीतकाल के लिए विराम ले लेता है, और अगले वर्ष फिर से श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार होता है।

यह भी पढ़ें – देहरादून रेलवे स्टेशन पर विश्व कप स्टार स्नेह राणा का भव्य सम्मान

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

कुलदीप यादव की ‘हल्दी’: मसूरी में सजी चाइनामैन गेंदबाज की महफिल, रिंकू सिंह संग पहुँचे कई दिग्गज सितारे

उत्तराखंड में ‘रसोई गैस’ का संकट: शादियों के मेन्यू में कटौती, कैटरिंग महंगी और लकड़ी के चूल्हों की वापसी

अल्मोड़ा: सोमेश्वर के पच्चीसी के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो, दो घायल, एक अब भी लापता

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा में पोडियम पर खड़े होकर दृढ़ता से भाषण देते हुए, पीछे सरकारी लोगो और अन्य विधायक बैठे हैं।

मदरसों की आड़ में ‘आतंक की फैक्ट्री’ बर्दाश्त नहीं, देवभूमि में राष्ट्र विरोधियों के लिए कोई जगह नहीं: सीएम धामी

देहरादून गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर के लिए कतार में खड़े लोग।

देहरादून में गहराया LPG संकट: पश्चिम एशिया की जंग की आंच दून की रसोई तक, बुकिंग ठप, गोदामों पर उमड़ी भीड़

देहरादून में दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल की बैठक का दृश्य, जहाँ व्यापारी कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत पर चर्चा कर रहे हैं। टेबल पर लाल रंग के कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हैं और बैकग्राउंड में व्यापार मंडल का बैनर लगा है

देहरादून में कमर्शियल गैस सिलेंडर का हाहाकार: होटल और रेस्टोरेंट कारोबार ठप होने की कगार पर, व्यापारियों ने दी चेतावनी

Leave a Comment