Anurag Dobhal bail rejected: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सोशल मीडिया जगत और मुख्यधारा की मीडिया में हलचल मचा देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। मशहूर यूट्यूबर और ‘बिग बॉस’ फेम Anurag Dobhal की मुश्किलें लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज मारपीट, जान से मारने की धमकी और अपहरण से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले में सत्र न्यायालय ने यूट्यूबर अनुराग डोभाल की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अदालत से राहत ना मिलने के कारण अनुराग की कानूनी मुश्किलें अब और ज्यादा गहरी होती दिख रही हैं। हालांकि, इसी मामले में नामजद अन्य सह-आरोपियों को अदालत से बड़ी राहत जरूर मिली है।
Anurag Dobhal पर क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस हाई-प्रोफाइल मामले की शुरुआत अभियोजन पक्ष के अनुसार 6 अक्टूबर 2026 को हुई थी, जब देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायतकर्ता राज सिंह चौहान ने एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता राज सिंह चौहान ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया था कि वह एक शोरूम में नौकरी करता है। आरोप लगाया गया है कि घटना वाले दिन शाम के वक्त Anurag Dobhal अपने 8 से 10 अज्ञात साथियों के साथ उससे मिलने के लिए वहां पहुंचा था।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक, उस वक्त वह अपने काम में काफी व्यस्त था, जिसके चलते उसने अनुराग से बाद में मिलने की बात कही थी। इसके बाद मामला यहीं शांत नहीं हुआ और रात करीब 8 बजे दोनों पक्षों की दोबारा मुलाकात एक स्थानीय कैफे के पास हुई। आरोप है कि इसी मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत ने तूल पकड़ लिया और विवाद काफी बढ़ गया।
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कैफे के बाहर मारपीट और अपहरण के गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता को बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता ने Anurag Dobhal और उनके साथियों पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। राज सिंह चौहान का आरोप है कि बातचीत के दौरान अचानक अनुराग ने पीछे से आकर उसका गला दबा दिया और उसका मोबाइल फोन छीनने की असफल कोशिश की। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि उसके सिर, छाती और मुंह पर किसी भारी और लोहे की वस्तु से जोरदार वार किए गए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने कथित तौर पर उसे एक गाड़ी के नीचे कुचलकर जान से मारने की कोशिश की और वहां पर चाकू व बंदूक दिखाकर उसे बुरी तरह डराया धमकाया गया। अभियोजन पक्ष का यह भी कहना है कि आरोपियों ने पीड़ित के साथ मारपीट करने के बाद उसे एक गाड़ी के अंदर बंधक बनाकर भी रखा था।
कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज और वकीलों की तीखी बहस
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने Anurag Dobhal की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। अभियोजन ने जज के सामने तर्क दिया कि इस पूरी घटना से संबंधित ठोस सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास मौजूद है। उस फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से मारपीट के बाद शिकायतकर्ता के चेहरे और मुंह से खून निकल रहा है।
इसके अलावा, अभियोजन पक्ष ने यह भी अंदेशा जताया कि अनुराग डोभाल चूँकि दूसरे राज्य के निवासी हैं, इसलिए यदि उन्हें जमानत दी जाती है, तो उनके कानूनी प्रक्रिया से बचकर फरार होने की पूरी संभावना है।
दूसरी ओर, Anurag Dobhal के बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि उनके मु मुवक्किल को इस मामले में पूरी तरह से झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस की गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जब आरोपियों को हिरासत में लिया जा रहा था, तब उन्हें गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण नहीं बताए गए थे।
बचाव पक्ष ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि शिकायतकर्ता राज सिंह चौहान असल में Anurag Dobhal की पत्नी रितिका चौहान का भाई है और दोनों परिवारों के बीच पहले से ही आपसी वैवाहिक विवाद चल रहा है। वकीलों के अनुसार, शिकायतकर्ता को आई चोटें भी सामान्य प्रकृति की हैं, और इसी मामले में एक अन्य सह-आरोपी अभिषेक पंवार उर्फ टाइगर को पहले ही 17 अक्टूबर को जमानत मिल चुकी है, इसलिए अनुराग को भी राहत दी जानी चाहिए।
दो सह-आरोपियों को मिली जमानत, अनुराग की बढ़ी मुश्किलें
दोनों पक्षों के वकीलों की तमाम दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद, सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया। अदालत ने Anurag Dobhal की इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी के तौर पर सक्रिय भूमिका होने का हवाला दिया। कोर्ट ने माना कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं दी जा सकती, जिसके चलते उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
हालांकि, इसी मामले में अदालत ने सह-आरोपी अभय चौधरी और कुर्बान उर्फ गुरु भाई की जमानत याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपए के निजी मुचलके और उतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानतों को पेश करने की शर्त पर जेल से रिहा करने का सख्त आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद अब सबकी निगाहें आगे की कानूनी कार्रवाई और Anurag Dobhal के अगले कानूनी कदमों पर टिकी हुई हैं।
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