चमोली ज़िले के नारायणबगड़ क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और सच छिपाने के लिए झूठ की एक पूरी कहानी गढ़ डाली। हालांकि बच्चों और पुलिस की सतर्कता ने इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश कर दिया।
छैकुड़ा गांव निवासी महावीर प्रसाद देवली और उसकी पत्नी दमयंती देवी (51) गांव में अकेले रहते थे। 24 नवंबर को पत्नी के अचानक गायब होने की सूचना देकर महावीर ने गांव में हड़कंप मचा दिया। उसने ग्रामीणों को बताया कि उसकी पत्नी जंगल में घास लेने गई थी और संभवतः गुलदार या भालू का शिकार हो गई।
ग्रामीणों ने पूरी रात व आसपास के जंगलों में दमयंती देवी की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच देहरादून में रहने वाली बेटी ने माता से संपर्क करने की कोशिश की, पर फोन नहीं उठा। चिंतित होकर उसने गांव की एक महिला को फोन किया, जिससे पता चला कि दमयंती का मोबाइल घर के पास ही गिरा मिला है और महावीर भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा।
हालात संदिग्ध लगने पर बेटी ने अपने भाई विनय को तुरंत देहरादून से गांव भेजा। विनय ने पिता से लगातार सवाल किए, लेकिन वह बार-बार यही कहता रहा कि उसकी पत्नी जंगली जानवर का शिकार हो गई है। उसके बयानों और हरकतों पर शक बढ़ता गया।
इसके बाद नारायणबगड़ पुलिस को सूचना दी गई। बुधवार सुबह जब पुलिस टीम गांव पहुंची, तो महावीर का व्यवहार अधिकारियों को संदिग्ध लगा। पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेंद्र सिंह राणा ने सख्ती से पूछताछ की तो आखिरकार महावीर टूट गया और पूरी घटना स्वीकार कर ली।
उसने बताया कि 24 नवंबर को किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। गुस्से में उसने भारी पत्थर से पत्नी के सिर और चेहरे पर कई बार वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद उसने शव को बोरे में भरा, घसीटते हुए जंगल के एक नाले तक ले गया और नग्न अवस्था में बड़े-बड़े पत्थरों के नीचे छिपा दिया। इसके बाद गांव आकर झूठा शोर मचाया कि पत्नी को जंगली जानवर उठा ले गया है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार आरोपी के शराब की लत की बात भी सामने आई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर महावीर को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
यह दर्दनाक घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सदमे का कारण बनी हुई है।








