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नेपाल की राजनीति में नया मोड़: बालेन शाह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार, आम चुनाव के लिए आरएसपी से हुआ गठबंधन

On: December 28, 2025 5:44 AM
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नेपाल की राजनीति में एक बड़ा और अहम घटनाक्रम सामने आया है। काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बलेंद्र शाह, जिन्हें देशभर में ‘बालेन’ के नाम से जाना जाता है, को आगामी आम चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। यह घोषणा राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) और बालेन शाह के बीच हुए एक औपचारिक समझौते के बाद की गई। दोनों पक्षों ने 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों में मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
बताया जा रहा है कि इस सात सूत्रीय समझौते को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक लंबी बातचीत चली। समझौते के तहत 35 वर्षीय बालेन शाह को संसदीय दल का नेता और प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाया गया है। वहीं, रवि लामिछाने आरएसपी के अध्यक्ष बने रहेंगे। गौरतलब है कि आरएसपी भंग हो चुकी प्रतिनिधि सभा में चौथी सबसे बड़ी पार्टी थी।
समझौते के अनुसार, बालेन शाह और उनकी टीम आरएसपी के आधिकारिक चुनाव चिन्ह ‘घंटी’ पर चुनाव लड़ेगी। बालेन की ओर से अपने समूह को आरएसपी में विलय करने पर सहमति देने के बाद यह तय किया गया कि पार्टी का नाम, झंडा और चुनाव चिन्ह पहले की तरह ही बने रहेंगे।
‘देश की जरूरतें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर’
समझौते के बाद आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने कहा कि यह गठबंधन किसी एक नेता की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने रविवार सुबह फेसबुक पोस्ट के जरिए यह बात साझा की। समझौते में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों पक्ष भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ युवा पीढ़ी द्वारा शुरू किए गए आंदोलन की जिम्मेदारी लेंगे।
इसके साथ ही, जनरेशन जेड (Gen Z) के उन प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई गई है, जो हालिया आंदोलनों में शामिल रहे थे और जिनमें कई लोग घायल भी हुए थे। बालेन शाह ने पहले भी इन आंदोलनों का समर्थन किया था, हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति और अहिंसा बनाए रखने की अपील की थी। युवाओं के बीच बालेन की लोकप्रियता को इस गठबंधन की बड़ी ताकत माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता उभरती हुई युवा नेतृत्व वाली राजनीतिक शक्तियों को एक मंच पर लाने की दिशा में एक अहम कदम है। इन्हीं शक्तियों ने सितंबर में हुए आंदोलन का नेतृत्व किया था, जिसके चलते केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा।
गठबंधन में और दलों के शामिल होने की संभावना
इस समझौते के बाद बड़ी संख्या में जनरेशन जेड समर्थकों के आरएसपी से जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, ऊर्जा और जल संसाधन मंत्री कुलमान घिसिंग के नेतृत्व वाली नवगठित उज्यालो नेपाल पार्टी (यूएनपी) भी इस संभावित गठबंधन का हिस्सा बन सकती है। हालांकि यूएनपी ने अभी तक औपचारिक रूप से कोई फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन बालेन शाह के साथ एकता और सहयोग को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
कुल मिलाकर, बालेन शाह और आरएसपी का यह गठबंधन नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के संकेत दे रहा है, जहां युवा नेतृत्व, पारदर्शिता और बदलाव की राजनीति को केंद्र में रखा जा रहा है।

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