Omar Abdullah gets big blow: जम्मू-कश्मीर की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। श्रीनगर संसदीय क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने और अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। बडगाम के बेहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में अपने पिता आगा सैयद मेहदी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान उन्होंने यह फैसला सुनाया। इस घोषणा के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार के सामने नया संकट खड़ा हो गया है।
Omar Abdullah Gets Big Blow: जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और सरकार पर तीखा हमला
बडगाम में आयोजित इस सार्वजनिक कार्यक्रम में सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला बोला। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि जिस सत्ता की कुर्सी पर उमर अब्दुल्ला बैठे हैं, वह जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए राहत बनने के बजाय दुख और निराशा का कारण बन चुकी है।
”उमर अब्दुल्ला को अपनी सत्ता और मुख्यमंत्री का पद बचाए रखने के लिए अपनी टोपी, अपना स्वाभिमान और राज्य के सम्मान को दूसरों के कदमों में नीचा करने की जरूरत नहीं थी।” — आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी
Omar Abdullah Gets Big Blow: वादों की खिलाफत और विचारधारा की लड़ाई
आगा रुहुल्लाह ने पार्टी छोड़ने की वजह का खुलासा करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव के दौरान जनता से जो बुनियादी वादे किए थे, सत्ता में आते ही उन्हें पूरी तरह भुला दिया गया। पार्टी ने अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जम्मू-कश्मीर के विशेष अधिकारों की रक्षा के नाम पर लोगों से वोट मांगे थे।
अनुच्छेद 370 और अधिकारों पर कड़ा रुख
रुहुल्लाह ने स्पष्ट कहा कि संसद की जो सीट उन्होंने जीती थी, वह जनता के भरोसे और वैचारिक प्रतिबद्धता पर आधारित थी। सत्ता में आने के बाद पार्टी नेतृत्व ने इन बुनियादी मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी स्थिति में जनता के साथ हुए इस धोखे के साझेदार नहीं बनना चाहते, इसलिए उन्होंने पद और पार्टी दोनों को त्यागना ही उचित समझा।
Omar Abdullah Gets Big Blow: पार्टी नेतृत्व से लंबे समय से जारी था मतभेद
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और उमर अब्दुल्ला के बीच पिछले कई महीनों से अनबन चल रही थी। आरक्षण नीतियों के पुनर्गठन से लेकर कश्मीर के प्रशासनिक और राजनीतिक रुख को लेकर सांसद लगातार अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे थे। इससे पहले अगस्त महीने में भी उन्होंने फारूक अब्दुल्ला को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर दूरगामी असर
श्रीनगर के कद्दावर शिया नेता और सांसद के इस कदम के बाद Omar Abdullah gets big blow की चर्चा हर तरफ हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रुहुल्लाह का पार्टी से अलग होना नेशनल कॉन्फ्रेंस के जमीनी कैडर और घाटी के राजनीतिक संतुलन को गहराई से प्रभावित करेगा। इस फैसले के बाद अन्य असंतुष्ट नेताओं और विधायकों के रुख पर भी सभी की निगाहें टिक गई हैं।
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