Joshimath Helicopter Crash की दुखद खबर उत्तराखंड के चमोली जिले से सामने आ रही है। शुक्रवार को बद्रीनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर लौट रहा एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र के पास भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। इस दर्दनाक हादसे में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर तैनात कर दी गई हैं।
खराब मौसम के बीच हुआ Joshimath Helicopter Crash
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन (Trans Bharat Aviation) कंपनी का एयरबस H125 हेलीकॉप्टर (पंजीकरण संख्या VT-HCX) दोपहर 1:14 बजे बद्रीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर उड़ान भरा था। उड़ान भरने के करीब 7 से 8 मिनट के भीतर हेलीकॉप्टर का हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) और रडार से संपर्क पूरी तरह टूट गया।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
बद्रीनाथ और जोशीमठ के बीच चांई (Chai) और थैंग (Thaing) गांव के ऊपर घने कोहरे और खराब मौसम के चलते यह भीषण Joshimath Helicopter Crash घटित हुआ। आर्मी और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के बाद प्रशासन ने एयरक्राफ्ट की लोकेशन ट्रेस की, जिसके बाद हादसे की आधिकारिक पुष्टि हुई।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
हादसे का विवरण:
विमान सेवा Provider : ट्रांस भारत एविएशन (Trans Bharat Aviation)
विमान का प्रकार : Airbus H125 (VT-HCX)
उड़ान का समय : दोपहर 01:14 बजे (बद्रीनाथ से)
दुर्घटना स्थल : चांई और थैंग गांव के समीप, जोशीमठ (चमोली)
कुल मृतक : 6 (5 यात्री + 1 पायलट)
Joshimath Helicopter Crash: हादसे में जान गंवाने वालों की सूची
इस भयावह Joshimath Helicopter Crash में 5 श्रद्धालु यात्री और 1 पायलट शामिल थे। विमान में सवार सभी 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
- कैप्टन हिमांशु सभरवाल (पायलट)
- अरुण सालुंके (यात्री)
- एच. एस. नागराजा (यात्री)
- प्रताप बच्चिहल्ली निंगराजन (यात्री)
- शंकरगौड़ा वी.बी. (यात्री)
- सुधीर के. (यात्री)
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और शवों को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
दुर्घटनास्थल पर SDRF और जिला प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय पुलिस बल को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। Joshimath Helicopter Crash का क्षेत्र अत्यधिक दुर्गम और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जहाँ घने बादलों और बारिश के कारण राहत कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन का बयान:
“आर्मी की ओर से प्राप्त सूचना के आधार पर घटनास्थल को चिन्हित किया गया है। दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के बावजूद हमारी रेस्क्यू टीमें घटनास्थल तक पहुँच चुकी हैं।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्त किया गहरा दुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस भीषण Joshimath Helicopter Crash पर गहरा दुख जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा, “जोशीमठ के पास चयी गांव के निकट एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना की अत्यंत दुखद खबर प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और SDRF की ओर से त्वरित बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मैं स्वयं इस पूरी घटना की निगरानी कर रहा हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें।”
पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई सुरक्षा पर उठे सवाल
इस Joshimath Helicopter Crash के बाद एक बार फिर उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बदल रहे मौसम और हेलीकॉप्टर उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ घाटी में अक्सर अचानक मौसम खराब हो जाता है, जिससे दृश्यता (visibility) शून्य के बराबर हो जाती है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और राज्य उड्डयन विभाग अब इस घटना के तकनीकी कारणों और मौसम की परिस्थितियों की उच्च स्तरीय जांच करने की तैयारी में हैं।












