Tibet Earthquake 2026: 7.0 Magnitude Quake Kills 16, Rescue
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​Tibet earthquake: विनाशकारी भूकंप से कांपा तिब्बत, 16 लोगों की मौत और 54 घायल

On: October 23, 2026 3:41 AM
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​चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत (Tibet) में गुरुवार देर रात प्रकृति का एक भयंकर कहर देखने को मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तरी तिब्बत के नाग्चू (Nagqu) क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 7.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली Tibet earthquake दर्ज किया गया। इस आपदा के कारण अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 54 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जनवरी 2024 के बाद से चीनी क्षेत्र में आया यह सबसे ताकतवर भूकंप माना जा रहा है, जिसने पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।

​अचानक आए इस जोरदार झटके ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। लोग अपनी जान बचाने के लिए आधी रात को घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए और ठंड से बचने के लिए कारों में शरण ली। प्रशासन और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें तुरंत हरकत में आ गईं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया।

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​Epicenter and Depth of Tibet earthquake

​चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) के मुताबिक, इस विनाशकारी Tibet earthquake का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नाग्चू क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाचेन काउंटी में स्थित था। इस भूकंप की गहराई जमीन से महज 10 किलोमीटर नीचे थी, जिसके कारण सतह पर इसके झटके बेहद तीव्र महसूस किए गए। यह पूरा क्षेत्र समुद्र तल से लगभग 4,864 मीटर (15,960 फीट) की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है, जो बचाव दलों के लिए भौगोलिक रूप से एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

​मुख्य भूकंप के बाद भी इलाके में चैन नहीं मिला। इसके तुरंत बाद 3 से 4 तीव्रता के कई आफ्टरशॉक्स (झटके) दर्ज किए गए, जिससे स्थानीय नागरिकों में डर का माहौल बना रहा। ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर स्थित इस क्षेत्र में अत्यधिक ठंड और ऊंचाई के बावजूद राहत शिविर लगाने का काम तेजी से चल रहा है।

​Massive Destruction Caused by Tibet earthquake

​इस भीषण Tibet earthquake के कारण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। नाग्चू मीडिया कार्यालय से मिली आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप के झटकों से कम से कम 339 घर पूरी तरह से ढह गए हैं और लगभग 20 पशु शेड भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा कई अन्य मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे वे रहने लायक नहीं बचे हैं।

​घायलों में से 11 लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जबकि 21 अन्य लोगों को हल्की चोटें आई हैं। मरु टाउनशिप और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर मलबा और दरारें आने की खबरें हैं। कई जगहों पर चट्टाने खिसकने (Rockfalls) से नेशनल हाईवे का एक हिस्सा भी अवरुद्ध हो गया था, जिसे सुरक्षा बलों ने तुरंत क्लियर करने का काम शुरू किया।

​Rescue Operations and Government Response

​आपदा की इस घड़ी में सरकार और स्थानीय प्रशासन ने फौरन मोर्चा संभाल लिया है। चीनी राष्ट्रपति ने प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA), तिब्बत मिलिट्री रीजन और आर्म्ड पुलिस कॉर्प्स के 1,600 से अधिक जवानों को राहत कार्यों के लिए तुरंत तैनात किया गया।

​प्रभावित बेघर परिवारों के लिए टेंट, फोल्डिंग बेड, प्रीफैब्रिकेटेड हाउसिंग यूनिट्स, गर्म कपड़े और टॉर्च जैसी जरूरी राहत सामग्री तेजी से पहुंचाई जा रही है। तिब्बत आर्म्ड पुलिस कॉर्प्स की मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचकर घायलों का इलाज कर रही हैं। ड्रोन के जरिए भी दुर्गम इलाकों की निगरानी की जा रही है ताकि नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके। मौसम की दुश्वारियों के बावजूद प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है कि जल्द से जल्द जीवन पटरी पर लौट सके।

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