उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालय में स्थित विश्व प्रसिद्ध President Droupadi Murmu Kedarnath visit को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल काफी तेज हो गई है। देवभूमि के कण-कण में इन दिनों एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगामी नवंबर माह के पहले हफ्ते में केदारनाथ धाम आने का संभावित कार्यक्रम तय माना जा रहा है। इस अति-विशिष्ट यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है और युद्ध स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
बाबा केदार के दर पर राष्ट्रपति के आगमन की सुगबुगाहट शुरू होते ही स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठकें ताबड़तोड़ हो रही हैं। केदारनाथ धाम की भौगोलिक स्थिति और मौसम के मिजाज को देखते हुए इस यात्रा का सफल संचालन प्रशासन के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी इस दौरे को पूरी तरह से भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
जिला प्रशासन की बैठक और व्यवस्थाओं का जायजा
आगामी President Droupadi Murmu Kedarnath visit के मद्देनजर जिला मुख्यालय पर उच्च स्तरीय बैठकों का दौर लगातार जारी है। हाल ही में रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला कार्यालय सभागार में तमाम संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा महामहिम राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर सुरक्षा, आवागमन, और तमाम व्यवस्थाओं को फुल-प्रूफ बनाना था।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
बैठक के दौरान डीएम विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि नवंबर के पहले सप्ताह में संभावित इस राष्ट्रपति दौरे को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खुद केदारनाथ धाम पहुंचकर धरातल पर पहुंचकर तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पुलिस प्रशासन, जिला विकास प्राधिकरण और अन्य कार्यदायी संस्थाओं को साफ निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर लें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत और जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी-अपनी रिपोर्ट डीएम के समक्ष रखी।
पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर विशेष जोर
केदारनाथ धाम में पिछले कुछ वर्षों से लगातार मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। President Droupadi Murmu Kedarnath visit के ठीक पहले इन तमाम प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रशासन ने कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने हाल ही में केदारनाथ पहुंचकर आस्थापथ, निर्माणाधीन वीआईपी गेस्ट हाउस, विभिन्न पैदल मार्गों और स्थानीय चिकित्सालयों की स्वास्थ्य सेवाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं के नुमाइंदों से साफ कहा है कि अगले डेढ़ महीने का समय बेहद अहम है, इसलिए निर्माण कार्यों की रफ्तार को दोगुना किया जाए। उन्होंने हिदायत दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बार-बार अधिकारियों को यह समझाया गया है कि वे खुद रोजाना इन कार्यों की मॉनिटरिंग करें ताकि राष्ट्रपति के दौरे से पहले धाम का हर एक कोना पूरी तरह से संवर कर तैयार हो सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का रखा जाएगा खास ध्यान
जब भी किसी बड़े वीआईपी का दौरा होता है, तो आम तौर पर आम जनता और श्रद्धालुओं को थोड़ी बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस बार President Droupadi Murmu Kedarnath visit के दौरान प्रशासन ने एक संतुलित रणनीति बनाई है। डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद तो होनी ही चाहिए, साथ ही केदारनाथ धाम पहुंचने वाले आम तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों और खुफिया तंत्र के जवानों को तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा, बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं, रैन बसेरों और ठहरने के अन्य स्थानों पर हीटिंग और बिजली-पानी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय व्यापारियों और तीर्थ पुरोहित समाज में भी राष्ट्रपति के इस संभावित दौरे को लेकर काफी खुशी का माहौल है, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि इस यात्रा से केदारनाथ धाम की वैश्विक पहचान को और अधिक मजबूती मिलेगी।
देवभूमि उत्तराखंड में राष्ट्रपति के दौरे के मायने
उत्तराखंड के लिए President Droupadi Murmu Kedarnath visit केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति और आस्था के केंद्र के रूप में धाम के विकास को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा। राष्ट्रपति का यह दौरा इस बात का प्रतीक है कि देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग भी उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति कितनागा गहरा जुड़ाव रखते हैं।
जैसे-जैसे नवंबर का पहला हफ्ता नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे केदारनाथ घाटी में प्रशासनिक तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंचती जा रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों और स्थानीय ठंड को ध्यान में रखते हुए हेलीपैड से लेकर मंदिर परिसर तक के सभी रास्तों को दुरुस्त किया जा रहा है। कुल मिलाकर, प्रशासन की मुस्तैदी और सरकार के विजन को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह केदारनाथ यात्रा अत्यंत सफल, सुरक्षित और ऐतिहासिक होगी।







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