चमोली: उत्तराखंड के माणा पास में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां ग्लेशियर टूटने के कारण बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के कैंप को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में करीब 57 मजदूरों के मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है, जिनमें से कुछ के दबे होने की भी संभावना है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही सेना और आईटीबीपी की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए रवाना हो गई हैं। हालांकि, खराब मौसम के चलते मौके पर संपर्क स्थापित करने में दिक्कतें आ रही हैं। चमोली के जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही सही जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

लगातार खराब मौसम से हालात बिगड़े

उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से मौसम बेहद खराब बना हुआ है। ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। खासकर चमोली जिले में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण कई रास्ते बाधित हो गए हैं। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने राहत कार्य तेज करने के आदेश दिए

जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने सभी संबंधित विभागों को जल्द से जल्द राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाधित सड़कों को जल्द से जल्द खोला जाए और क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। प्रशासन की ओर से सभी संभावित उपाय किए जा रहे हैं ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

फिलहाल, माणा पास में हुए इस हादसे से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बचाव दल मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और प्रशासन जल्द ही स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है।

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