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​Greater Noida Bus Accident: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की जलकर दर्दनाक मौत

On: September 24, 2026 3:33 AM
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Greater Noida Bus Accident की एक दिल दहला देने वाली घटना में यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही एक डबल डेकर स्लीपर बस अचानक आग की लपटों से घिर गई। बुधवार देर रात एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास 35वें किलोमीटर माइलस्टोन पर हुए इस भयानक हादसे में 9 यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए पास के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​इस भयावह Greater Noida Bus Accident के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, अग्निशमन विभाग और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम ने करीब 5 घंटे तक राहत और बचाव कार्य चलाया। शव इतने बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो गया था। प्रशासन अब यात्रियों की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट (DNA Test) की मदद ले रहा है।

​Greater Noida Bus Accident Details: दिल्ली से महोबा जा रही थी बस

​यह दर्दनाक हादसा राज कल्पना ट्रेवल्स की स्लीपर बस (Delhi to Mahoba Sleeper Bus) में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षित बचे यात्रियों के अनुसार, जब बस यमुना एक्सप्रेसवे पर एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास पहुंची, तो चालक को बस के इंजन के हिस्से से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती हुई दिखाई दीं।

​चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को ओवरटेकिंग लेन से हटाकर एक्सप्रेसवे के किनारे शोल्डर पर खड़ा कर दिया और तुरंत आग पर काबू पाने की कोशिश की। देखते ही देखते आग पूरे केबिन और स्लीपर बर्थ तक फैल गई। चालक और परिचालक (कंडक्टर) ने तुरंत शोर मचाकर यात्रियों को बाहर निकलने की चेतावनी दी।

​अफरा-तफरी के बीच 20 से अधिक यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

​जैसे ही बस में आग फैलने की खबर फैली, यात्रियों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। बस के अंदर सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

  • 20 से अधिक यात्री: खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
  • 9 बदकिस्मत यात्री: बस के अंदर ही फंस गए और आग की भीषण लपटों की चपेट में आ गए।

​मृतकों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल बताए जा रहे हैं। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बस के अंदर फंसे लोगों के शव कंकाल में तब्दील हो गए और कई शवों के अंग तक जलकर अलग हो गए।

​5 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन: बस की बॉडी काटकर निकाले गए शव

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, जब तक दमकल की गाड़ियां आग पर पूरी तरह काबू पातीं, तब तक पूरी बस जलकर खाक हो चुकी थी। आग बुझने के बाद भी बस के अवशेष घंटों सुलगते रहे।

​सुरक्षा और रेस्क्यू टीमों ने बेहद कड़े मशक्कत के बाद कटर की मदद से बस की बॉडी को अलग-अलग हिस्सों से काटा और अंदर फंसे शवों के अवशेषों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी अवशेषों को एंबुलेंस के जरिए कैलाश अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया।

​Reasons for Greater Noida Bus Accident: क्या रही आग लगने की वजह?

​यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस Greater Noida Bus Accident के कारणों की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि प्राथमिक रूप से इसे शॉर्ट सर्किट या इंजन ओवरहीटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने एक नया मोड़ दे दिया है।

  • पटाखे जैसी आवाजें: बस में सवार और आसपास मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के दौरान बस के अंदर से पटाखे जैसी तेज फटने की आवाजें आ रही थीं।
  • जांच एजेंसियां सक्रिय: पुलिस और फॉरेंसिक टीम (Forensics Team) इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या बस में कोई ज्वलनशील पदार्थ या अवैध आतिशबाजी ले जाई जा रही थी।

​सुरक्षा की दृष्टि से टोल और एक्सप्रेसवे पर रोका गया ट्रैफिक

​हादसे की विकरालता और जहरीले धुएं के फैलने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से जेवर टोल प्लाजा और एयरपोर्ट इंटरचेंज पर करीब 30 मिनट तक यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया। ट्रैफिक रुकने के दौरान हड़बड़ी में एक्सप्रेसवे पर दो कारें आपस में टकरा भी गईं, हालांकि उसमें कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की आवाजाही को दोबारा सुचारू कराया गया।

​Greater Noida Bus Accident Administration Action: प्रशासन का राहत कार्य और डीएनए जांच

​हादसे की जानकारी मिलते ही नोएडा पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी (SDM) जेवर ने अपनी निगरानी में राहत कार्य संपन्न कराया।

  1. प्राथमिक उपचार: सुरक्षित बचाए गए यात्रियों को जेवर टोल पर तुरंत प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई।
  2. आगे का सफर: प्राथमिक उपचार के बाद प्रशासन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक टेंपो ट्रैवलर (Tempo Traveller) की व्यवस्था कर उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना किया।
  3. टिकट बुकिंग से पहचान: मारे गए यात्रियों के शव पहचान में न आने के कारण पुलिस अब राज कल्पना ट्रेवल्स की टिकट बुकिंग सूची (Chart Details) खंगाल रही है।
  4. DNA Matching: मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उनके डीएनए सैंपल लिए जाएंगे, जिसका मिलान अवशेषों से करने के बाद ही आधिकारिक तौर पर पहचान की पुष्टि की जाएगी।

​यह हादसा एक बार फिर कमर्शियल स्लीपर बसों में इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exit) और फायर सेफ्टी सिस्टम की घोर अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उत्तर प्रदेश पुलिस और परिवहन विभाग ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

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