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रामनगर में यूथ कांग्रेस नेता गोपाल अधिकारी पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर; अस्पताल में भर्ती

On: September 17, 2026 4:07 AM
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Youth Congress leader Gopal Adhikari attacked in Ramnagar—उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर शहर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार तड़के यूथ कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और ट्रांसपोर्टर गोपाल अधिकारी उर्फ गोपू पर अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

​घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​Youth Congress Leader Gopal Adhikari Attacked: सुबह की घटना और हमले का पूरा विवरण

​प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पंपापुरी मोहल्ले के निवासी गोपाल अधिकारी गुरुवार सुबह करीब चार बजे अपनी कार से बायपास पुल की दिशा में जा रहे थे। जब उनकी गाड़ी ट्रांसपोर्ट नगर के पास पहुंची, तो पहले से घात लगाए बैठे चार अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर लिया।

​इसके बाद हमलावरों ने कार का शीशा तोड़कर उन पर ईंटों और भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। हमले की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी की अगली सीट और दरवाजे पूरी तरह खून से सने मिले।

  • प्रत्यक्षदर्शियों का हस्तक्षेप: सुबह टहलने निकले कुछ स्थानीय लोगों को उस रास्ते से आते देख हमलावर मौके से फरार हो गए।
  • अस्पताल में भर्ती: राहगीरों की मदद से लहूलुहान अवस्था में गोपाल अधिकारी को तुरंत रामनगर के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
  • रेफरल प्रक्रिया: प्राथमिक डॉक्टरी जांच और गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए काशीपुर के उच्च स्तरीय निजी अस्पताल में रेफर कर दिया।

​पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। स्थानीय स्तर पर चर्चाएं थीं कि हमले के दौरान फायरिंग भी की गई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार किया है।

​कोतवाल सुशील कुमार ने बयान देते हुए स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में मौके से फायरिंग या गोलीबारी के कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस की मुख्य ध्यान केंद्रित करने वाली कार्रवाइयां इस प्रकार हैं:

  • सीसीटीवी स्कैनिंग: ट्रांसपोर्ट नगर और बायपास रोड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके।
  • पुरानी रंजिश का कोण: चूंकि पीड़ित ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से भी जुड़े हैं, इसलिए पुलिस कारोबारी प्रतिद्वंद्विता और आपसी रंजिश समेत सभी संभावित पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।
  • फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्रण: घटना में इस्तेमाल की गई कार से फॉरेंसिक नमूने और खून के नमूने एकत्र किए गए हैं।

​रामनगर में आक्रोश और राजनीतिक प्रतिक्रिया

​इस हमले की खबर फैलते ही स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

​अस्पताल में भर्ती गोपाल अधिकारी की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। परिजनों और सहयोगियों का कहना है कि जब तक पुलिस आरोपियों को बेनकाब नहीं करती, तब तक क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहेगी। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि संदिग्धों की पहचान कर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

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