पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत से एक दिल दहला देने वाली समुद्री त्रासदी सामने आई है। मशहूर बंदरगाह शहर किंगदाओ में स्थित ‘बेहाई शिपबिल्डिंग कंपनी लिमिटेड’ के यार्ड में रखरखाव के लिए खड़े एक अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज में अचानक भयानक आग लग गई। इस भीषण China cargo ship fire हादसे में कम से कम 20 लोगों की जलकर और दम घुटने से मौत हो चुकी है, जबकि 5 अन्य लोग गंभीर रूप से लापता हैं। यह दुखद घटना गुरुवार सुबह करीब 11:15 बजे घटित हुई। देखते ही देखते आग ने पूरे विशालकाय जहाज को अपनी भयंकर लपटों में घेर लिया, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल सका।
China Cargo Ship Fire का पूरा घटनाक्रम और ओशन मेलोडी की स्थिति
हादसे का शिकार हुआ यह जहाज लाइबेरिया के झंडे तले चलने वाला 190 मीटर लंबा ड्राई बल्क कैरियर था, जिसका नाम ‘ओशन मेलोडी’ (Ocean Melody) बताया जा रहा है। आंकड़े दर्शाते हैं कि यह पोत बीते 31 अगस्त से नियमित जांच और मेंटेनेंस कार्यों के लिए इस चीनी शिपयार्ड में खड़ा था। घटना वाले दिन इस पोत पर कुल 42 लोग सवार थे।
जब China cargo ship fire की शुरुआती चिंगारी भड़की, तो कुछ ही मिनटों में चारों तरफ गाढ़ा और काला धुआँ फैल गया। आपातकालीन दल केवल 12 लोगों को ही सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे। इसके अलावा 5 लोगों को झुलसी हुई हालत में नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। बाकी फंसे हुए लोगों में से 20 शव अब तक बरामद किए जा चुके हैं।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पीएम ली कियांग की सख्त प्रतिक्रिया
हादसे की भयावहता को देखते हुए बीजिंग में शीर्ष चीनी नेतृत्व तुरंत एक्शन मोड में आ गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सभी संबंधित विभागों और राज्य एजेंसियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि लापता कर्मियों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस गंभीर त्रासदी से बहुत गहरा सबक लेने की जरूरत है और सभी तरह के अग्नि खतरों की बारीकी से जांच की जानी चाहिए।
वहीं, प्रधानमंत्री ली कियांग ने प्रशासनिक अधिकारियों को सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल देने और किसी भी प्रकार की secondary disaster (द्वितीयक आपदा) को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन और सुरक्षा पर सवाल
जिस स्थान पर यह घटना घटी, वह किंगदाओ बेहाई शिपयार्ड दुनिया की सबसे बड़ी जहाज निर्माता कंपनियों में शामिल ‘चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन’ (CSSC) की एक प्रमुख सहायक इकाई है। इतने बड़े और अत्याधुनिक तकनीक से लैस शिपयार्ड परिसर में China cargo ship fire जैसी बड़ी त्रासदी होना सुरक्षा मापदंडों पर बड़े सवाल खड़े करता है।
शुरुआती रिपोर्ट्स से संकेत मिले हैं कि जहाज के अंदर वेल्डिंग या हॉट-वर्क निरीक्षण के दौरान यह आग भड़की हो सकती है। हालांकि, स्थानीय अग्निशामक दस्तों ने दोपहर करीब 2:30 बजे तक भारी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया था, लेकिन अंदर का तापमान इतना अधिक था कि बचाव टीम को केबिनों के भीतर प्रवेश करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय नौवहन क्षेत्र में छाया शोक का माहौल
इस भीषण China cargo ship fire दुर्घटना के बाद वैश्विक समुद्री और लॉजिस्टिक्स उद्योग में चिंता और शोक की लहर दौड़ गई है। विदेशी ध्वज वाले मालवाहक जहाजों पर काम करने वाले क्रू मेंबर्स और शिपयार्ड में तैनात तकनीशियनों की सुरक्षा को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑडिट की मांग उठने लगी है।
फिलहाल, चीनी आपदा प्रबंधन मंत्रालय और नौसेना पुलिस की संयुक्त टीमें इस मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कर रही हैं। सभी एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि शिपयार्ड में अलार्म और फायर फाइटिंग सिस्टम समय पर सक्रिय क्यों नहीं हो सके। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा नियमों को और सख्त किए जाने की उम्मीद है।
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