उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून की मूसलाधार बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह हो रहे भूस्खलन से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। ताजा मामला बागेश्वर जिले का है, जहां देर रात हुई भीषण बारिश के कारण Bageshwar Garur NH Blocked हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर रवाईखाल के पास पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरककर सड़क पर आ गिरा, जिससे आधी रात से ही इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।
मार्ग के अचानक बंद हो जाने से सड़क के दोनों ओर गाड़ियों का लंबा जमावड़ा लग गया है। सुबह तड़के काम पर निकलने वाले यात्रियों, स्कूली बच्चों और कर्मचारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर असर जिला मुख्यालय को होने वाली दैनिक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ा है।
Bageshwar Garur NH Blocked: रवाईखाल के पास दरका पहाड़, आधी रात से लगा जाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि करीब 12 बजे रवाईखाल के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा गिरना शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा मार्ग बड़े-बड़े बोल्डरों से पट गया। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों ने किसी तरह गाड़ियों को रोककर अपनी जान बचाई।
सुबह होने तक स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो गई, जब सड़क के दोनों छोर पर सैकड़ों वाहनों की कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग बागेश्वर जिला मुख्यालय को गरुड़, अल्मोड़ा और हल्द्वानी जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है। ऐसे में मुख्य राजमार्ग बंद होने से पूरे जिले की लाइफलाइन पर ब्रेक लग गया है।
ज़रूरी सामान की किल्लत: हल्द्वानी से आने वाली सप्लाई रास्ते में फंसी
राष्ट्रीय राजमार्ग के अचानक ठप हो जाने का सीधा प्रभाव बागेश्वर शहर की दैनिक जीवनशैली पर पड़ा है। मैदानी क्षेत्रों और हल्द्वानी से आने वाली दूध, ताजी सब्जियां, फल और दैनिक समाचार पत्रों (अखबारों) की गाड़ियां रवाईखाल के पास ही जाम में फंसी हुई हैं।
- दूध और सब्जियों की किल्लत: जिला मुख्यालय में सुबह-सुबह पहुंचने वाली दूध और ताजी सब्जियों की गाड़ियां न पहुंचने के कारण स्थानीय बाजारों में किल्लत महसूस की जा रही है।
- यात्रियों और मरीजों की परेशानी: लंबी दूरी का सफर तय कर रहे यात्रियों के साथ-साथ गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम के कारण फंसी हुई हैं।
- कर्मचारी और छात्र प्रभावित: सुबह स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे, शिक्षक और शासकीय विभागों में कार्यरत कर्मचारी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
BRO की मशीनें तैनात, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थरों से राहत कार्य में बाधा
घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए बीआरओ द्वारा लोडर और जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। हालांकि, मलबा हटाने के काम में प्रकृति लगातार रुकावट डाल रही है।
पहाड़ी से रह-रहकर गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण मशीनों को चलाने में भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। यदि पहाड़ी से पत्थरों का गिरना बंद होता है, तो अगले कुछ घंटों में मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए सुचारू करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन ने गरुड़ और बागेश्वर के बीच यात्रा करने वाले लोगों से अपील की है कि वे मार्ग पूरी तरह साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और वैकल्पिक सुरक्षित मार्गों का ही प्रयोग करें।
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