Rishikesh hotel rape case ने पूरे उत्तराखंड में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन के समीप स्थित एक होटल में नाबालिग छात्रा के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म के बाद जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। गुस्साए स्थानीय निवासियों ने घटना वाले होटल में जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस-प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पूरे मामले में होटल प्रबंधन की संदिग्ध भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Rishikesh Hotel Rape Case: चेला चेतराम मार्ग के होटल में अनैतिक गतिविधियां
यह दिल दहला देने वाली घटना ऋषिकेश के चेला चेतराम मार्ग स्थित एक होटल में घटी। आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर ऋषिकेश बुलाया गया। इसके बाद उसे होटल के कमरे में ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाया गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपराध के बाद नाबालिग का वीडियो भी बनाया। सूत्रों के मुताबिक, वीडियो बनाते समय आरोपी हंस रहा था, जिससे इस मामले की संवेदनहीनता और गंभीरता और बढ़ जाती है।
पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। आरोपी और उसके दोस्तों के मोबाइल फोन को ट्रेस किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उस वीडियो को कहीं शेयर या वायरल किया गया था।
Rishikesh Hotel Rape Case: अतिरिक्त रकम लेकर बिना ID के कमरे देने का आरोप
पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ ही होटल के काले कारोबार की एक-एक परत खुलती जा रही है। जांच में सामने आया कि होटल में नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाकर अनैतिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
- पहचान पत्र की अनदेखी: होटल संचालक को यह मालूम था कि युवती नाबालिग है और युवक दूसरे समुदाय से है, फिर भी पूरे दस्तावेज लिए बिना कमरा दे दिया गया।
- अतिरिक्त किराया: सामान्य किराये से ज्यादा रकम वसूलकर ऐसे कमरों की बुकिंग की जाती थी।
- CCTV से छेड़छाड़: जांच के दौरान होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। प्रबंधन ने बिजली न होने का बहाना बनाया, लेकिन आशंका है कि सबूत मिटाने के लिए कैमरे जानबूझकर बंद किए गए थे।
राज्य महिला आयोग सख्त, दिए 3 महीने के CCTV बैकअप के निर्देश
Rishikesh hotel rape case की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने ऋषिकेश एम्स (AIIMS) पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव न्याय व सुरक्षा का भरोसा दिया। उन्होंने एसपी देहात जया बलूनी और पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात कर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
अध्यक्ष ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र भेजकर प्रदेश के सभी होटलों के लिए कड़े नियम लागू करने को कहा है:
- प्रदेश के हर होटल में कम से कम 3 महीने का सीसीटीवी कैमरा बैकअप अनिवार्य किया जाए।
- बिना वैध पहचान पत्र और उम्र सत्यापन के नाबालिगों को कमरा देने वाले होटलों को चिह्नित कर उन पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सह-अभियुक्त बनाकर कार्रवाई की जाए।
पुलिस की दबिश जारी, होटल मालिक और मैनेजर जांच के घेरे में
ऋषिकेश पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों और उसके रिश्तेदारों के घर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इसके साथ ही होटल मालिक और मैनेजर के खिलाफ भी जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है, क्योंकि फर्जी एंट्री और सबूत छिपाने के मामले में उनकी भूमिका पूरी तरह संदिग्ध मानी जा रही है।
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