​Uttarakhand Weather Alert: देहरादून समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी - Doonprimenews
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​Uttarakhand Weather Alert: देहरादून समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी

On: August 20, 2026 5:36 PM
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​Uttarakhand Weather Alert को लेकर राज्य भर में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के कारण लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम के इस बदलते मिजाज और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उधम सिंह नगर जिले में 21 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, गैर-शासकीय विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।

​पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक लगातार हो रहे जलभराव, नदी-नालों के उफान और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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​Uttarakhand Weather Alert: उधम सिंह नगर में स्कूलों की छुट्टी के कड़े आदेश

​मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी ने छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

​लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले निजी या सरकारी स्कूलों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

​Uttarakhand Weather Alert: इन 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी

​मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार 21 अगस्त को राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ तीव्र बारिश होने की प्रबल संभावना है। विभाग ने विशेष रूप से निम्नलिखित पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है:

  • ​देहरादून: राजधानी और आसपास के इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारें पड़ने की संभावना।
  • ​नैनीताल: पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन और दृश्यता कम होने का खतरा।
  • ​टिहरी गढ़वाल: संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर मलबा आने का जोखिम।
  • ​बागेश्वर: सरयू और गोमती के जलस्तर में संभावित वृद्धि के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता।
  • ​पिथौरागढ़: सीमांत क्षेत्रों में भारी वर्षा से संपर्क मार्गों के अवरुद्ध होने की आशंका।

​24 अगस्त तक नहीं मिलेगी राहत: मौसम विभाग का पूर्वानुमान

​मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण बारिश का यह दौर केवल 21 अगस्त तक ही सीमित नहीं रहेगा। 21 से 24 अगस्त तक पूरे राज्य में मौसम बेहद संवेदनशील बना रहेगा। अगले चार दिन उत्तराखंड के लिए भौगोलिक और सुरक्षा की दृष्टि से काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

​पूर्वानुमान के मुताबिक, दोपहर बाद और देर रात के समय बादलों के गरजने के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल फटने जैसी आकस्मिक जल प्रलय की घटनाओं की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

​पहाड़ों पर लैंडस्लाइड और मैदानी इलाकों में बाढ़ का दोहरा संकट

​पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रहे जल रिसाव से मिट्टी की पकड़ कमजोर हो चुकी है, जिसके चलते कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बार-बार मलबे के कारण बंद हो रहे हैं।

  • ​सड़क यातायात पर असर: बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले मार्गों पर बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है।
  • ​नदियों का रौद्र रूप: गंगा, यमुना, शारदा, कोसी और गौला जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।
  • ​मैदानी इलाकों में जलभराव: उधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून के निचले मैदानी इलाकों में नदियों के उफान और ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।

​प्रशासन की सख्त एडवाइजरी: आम नागरिक क्या करें और क्या न करें?

​राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) और स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों व पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:

  1. ​अनावश्यक यात्रा से बचें: भारी बारिश और अलर्ट के दौरान पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें। केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही सुरक्षित साधनों से निकलें।
  2. ​नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाएं: पिकनिक मनाने या फोटोग्राफी के उद्देश्य से जलस्रोतों और उफनती नदियों के किनारों पर बिल्कुल न जाएं।
  3. ​कंट्रोल रूम से संपर्क में रहें: किसी भी आपात स्थिति या मार्ग बंद होने की जानकारी के लिए जिला आपदा कंट्रोल रूम और पुलिस हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
  4. ​पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूर रहें: आंधी और बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर ढांचों के नीचे शरण न लें।

​उत्तराखंड सरकार ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों, एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और स्वास्थ्य टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।

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