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​Arunachal Pradesh Landslide: कुदरत का कहर, 4 मजदूरों की मौत और सेना के 5 जवान लापता

On: August 15, 2026 9:16 AM
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Arunachal Pradesh Landslide और अचानक आई भीषण बाढ़ ने पूर्वोत्तर राज्य में भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के दो अलग-अलग जिलों में दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। अपर सुबनसिरी जिले में सड़क निर्माण स्थल पर चट्टानें और मलबा गिरने से 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दिबांग वैली जिले में बादल फटने जैसी स्थिति के बाद सेना के अस्थायी शेल्टर बह जाने से 5 जवान लापता हो गए हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

​भारी बारिश के बाद Arunachal Pradesh Landslide का तांडव

​अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मानसून की सक्रियता के कारण हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मुख्य घटनाएं शुक्रवार शाम को घटित हुईं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे सुदूर इलाकों में बचाव दलों को पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

​लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां और बरसाती नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। मिट्टी धंसने और बोल्डर गिरने की घटनाओं ने स्थानीय जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

​Upper Subansiri में मलबे में दबे 4 मजदूर

​अपर सुबनसिरी जिले में एक सड़क निर्माण परियोजना पर कार्य चल रहा था, तभी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा। इस भीषण हादसे में वहां काम कर रहे कई श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। जिला प्रशासन ने अब तक 4 श्रमिकों की मौत की पुष्टि की है।

​मृतकों की पहचान टाडू बाकी, ताजी राय, मार्कोश बसुमतारी और बाबुल अली के रूप में हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार, बचाव दल ने बाबुल अली का पार्थिव शरीर मलबे से बाहर निकाल लिया है, जबकि अन्य की तलाश और क्षेत्र को खाली कराने की प्रक्रिया जारी है।

​राहत कार्यों के लिए SDRF और पुलिस तैनात

​हादसे की सूचना मिलते ही नाचो पुलिस स्टेशन से पुलिसकर्मियों की एक विशेष टुकड़ी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डपोरिजो से अग्निशमन और आपातकालीन सेवा कर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया है। इसके अलावा, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की एक प्रशिक्षित टीम भी मलबे को हटाने और बचाव कार्य को तेज करने में स्थानीय प्रशासन का सहयोग कर रही है।

​Dibang Valley में अचानक आई बाढ़ और Arunachal Pradesh Landslide की तबाही

​दूसरी हृदयविदारक घटना दिबांग वैली जिले के पाशु पानी क्षेत्र में घटी। भारी बारिश के चलते शुक्रवार शाम पाशु पानी नाले में अचानक विकराल बाढ़ आ गई। इस तेज बहाव की चपेट में भारतीय सेना की 5वीं ग्रेनेडियर बटालियन का कैंप आ गया, जिससे जवानों के दो अस्थायी शेल्टर पानी के तेज बहाव में बह गए।

​पाशु पानी कैंप से सेना के 5 जवान लापता

​सैन्य अधिकारियों के अनुसार, जिस समय पानी का तेज रेला आया, उस समय कैंप में मौजूद 7 जवान बहाव की चपेट में आ गए। त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन 5 जवान पानी के तेज बहाव में बह गए और फिलहाल लापता हैं।

​लापता जवानों की पहचान हवलदार उपेंद्र, जवान कुंदन, जवान विनोद, जवान आदित्य और जवान समुंडा के रूप में हुई है। सेना ने तत्काल अपनी दो समर्पित खोज एवं बचाव टीमों को अभियान में उतार दिया है।

​ITBP, GREF और स्थानीय प्रशासन का संयुक्त सर्च ऑपरेशन

​लापता सैनिकों को खोजने के लिए दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद व्यापक स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इस महा-सर्च ऑपरेशन में निम्नलिखित एजेंसियां पूरी ताकत से जुटी हैं:

  • ITBP (58वीं बटालियन): भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान जलधारा और तटीय क्षेत्रों में गहन तलाशी ले रहे हैं।
  • GREF (62 RCC): जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स के जवान रास्तों को सुचारू करने और भारी मशीनरी की मदद से राहत पहुंचाने में लगे हैं।
  • SDRF पासीघाट: पासीघाट से राज्य आपदा मोचन बल की विशेष जल-बचाव यूनिट को तुरंत मौके पर भेजा गया है।
  • अरुणाचल प्रदेश पुलिस व स्थानीय स्वयंसेवक: स्थानीय ग्रामीण और पुलिसकर्मी पहाड़ी रास्तों की निगरानी कर रेस्क्यू टीम की मदद कर रहे हैं।

​पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे और सुरक्षा परामर्श

​पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसूनी सीजन के दौरान मिट्टी का कटाव और चट्टानों का खिसकना एक गंभीर चुनौती बन जाता है। कमजोर भूगर्भीय संरचना और अत्यधिक वर्षा के संगम से कई संवेदनशील क्षेत्रों में हालात अचानक बिगड़ जाते हैं।

​प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों और नदी किनारों पर काम कर रहे मजदूरों को सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी जारी की है। जब तक मौसम सामान्य नहीं होता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचने और आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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