देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और आम नागरिकों के कल्याण से जुड़े 15 बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। इस बैठक में रोजगार, खेल, न्याय प्रणाली, पर्यटन, और श्रम अधिकारों से जुड़े कई दूरगामी फैसले लिए गए।
cabinet बैठक के इन प्रमुख फैसलों में सबसे खास रहा सामान्य वर्ग के लोगों को गौ पालन योजना के दायरे में लाना, हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और नए हाईकोर्ट परिसर के लिए जमीन व पदों की स्वीकृति देना तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नई नियमावली तय करना।
1. सामान्य वर्ग को गौ पालन योजना का लाभ
राज्य सरकार ने पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा सामाजिक निर्णय लिया है। अब तक चुनिंदा वर्गों तक सीमित ‘गौ पालन योजना’ का लाभ सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा।
• इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को 75% तक की सब्सिडी प्रदान करेगी।
• एक पशुपालक इस योजना के अंतर्गत अधिकतम दो पशु ले सकेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
2. श्रमिकों के लिए ‘उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026’
संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कामगारों के आर्थिक और सामाजिक हितों को सुरक्षित करने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है।
• वेतन की निश्चित तारीख: सभी नियोक्ताओं को हर महीने की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से मजदूरी का भुगतान करना होगा।
• डिजिटल भुगतान: श्रमिकों को वेतन का भुगतान सीधे उनके खातों में डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
• समान काम, समान वेतन: महिला और पुरुष श्रमिकों के बीच मजदूरी को लेकर कोई भेदभाव नहीं होगा; दोनों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।
3. हल्द्वानी में नए हाईकोर्ट परिसर और खेल विवि को गति
• नैनीताल हाईकोर्ट का स्थानांतरण: हल्द्वानी के गौलापार में नया हाईकोर्ट परिसर बनाने के लिए 30 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। यहाँ मुख्य अदालत, प्रशासनिक भवन, न्यायाधीशों के आवास और अधिवक्ताओं के चैंबर बनाए जाएंगे।
• उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय: गौलापार (हल्द्वानी) में करीब 90 एकड़ भूमि पर आकार ले रहे राज्य के पहले क्रीड़ा विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को स्वीकृति मिली है। इसका लक्ष्य भारत के ‘मिशन ओलंपिक 2036’ के लिए विश्वस्तरीय एथलीट तैयार करना है।
4. बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अन्य प्रमुख फैसले
• गंगा एक्सप्रेस-वे का हरिद्वार तक विस्तार: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने के लिए समझौता पत्र (MoU) को मंजूरी दी गई। इससे हरिद्वार सीधे प्रयागराज से जुड़ जाएगा और पर्यटन व व्यापार को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
• जल जीवन मिशन योजनाओं का हस्तांतरण: ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और उन्हें ग्राम पंचायतों व ‘ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों’ को सौंपने के प्रोटोकॉल को पारित किया गया।
• ईको टूरिज्म को बढ़ावा: वन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को गति देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) का पुनर्गठन किया गया है। यह समिति ‘जबरखेत मॉडल’ की तर्ज पर नए टूरिज्म हब विकसित करेगी।
• औद्योगिक संबंध और सेवा नियमावली: ‘उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026’ और ‘वन विकास निगम सेवा नियमावली’ में बदलाव किए गए हैं। वन निगम में स्केलर के लिए अब 100 अंकों की परीक्षा का प्रावधान किया गया है तथा छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को फिर से अवसर देने का रास्ता साफ हुआ है।
• सामाजिक समरसता और छात्रावास नियमावली: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए ‘उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली’ के नियम 473 में संशोधन किया गया है, जिससे अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी सहकारी समिति का सदस्य बन सकेगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है।
निष्कर्ष:
धामी सरकार की इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय स्पष्ट करते हैं कि राज्य सरकार आधारभूत ढांचे के विकास के साथ-साथ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन 15 फैसलों से न केवल प्रदेश में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि पर्यटन, खेल और श्रम क्षेत्र को भी एक नया आयाम मिलेगा।







