​उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से हाहाकार: कालसी-चकराता और ग्वालदम हाईवे बंद, 28 ग्रामीण मार्गों पर आवाजाही ठप

देहरादून।

देवभूमि उत्तराखंड में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर से जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। चमोली से लेकर राजधानी देहरादून और विकासनगर तक बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से भारी मलबा और बोल्डर (चट्टानें) गिरने के कारण मुख्य हाईवे और संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं।

​हालाँकि, इस सब के बीच राहत की बात यह है कि प्रसिद्ध बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर यातायात सुचारू रूप से जारी है, लेकिन राज्य के कई अंदरूनी और ग्रामीण इलाकों का तहसील व जिला मुख्यालयों से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

​चमोली में ग्वालदम हाईवे थमा, 28 ग्रामीण सड़कें मलबे में तब्दील

​चमोली जिले के पर्वतीय इलाकों में सोमवार रात भर हुई बारिश के बाद मंगलवार दोपहर को जाकर कुछ राहत मिली और बारिश का दौर फिलहाल थमा। लेकिन इससे पहले बारिश अपना विकराल रूप दिखा चुकी थी।

• ​ग्वालदम हाईवे ठप: नारायणबगड़ के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर खिसककर सड़क पर आ गिरे। इसके चलते ग्वालदम हाईवे यातायात के लिए पूरी तरह ठप हो गया है।

• ​28 मोटर मार्ग बंद: जिले भर में लगभग 28 ग्रामीण संपर्क मार्ग पूरी तरह से बंद पड़े हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं जुटाने और इलाज के लिए अस्पताल पहुँचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

​विकासनगर के जौनसार-बावर में आफत की बारिश: मरीज को पीठ पर लादकर पहुँचाया अस्पताल

​देहरादून जिले के विकासनगर अंतर्गत जौनसार-बावर क्षेत्र में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। रात भर हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई सड़कें दलदल और मलबे में तब्दील हो गईं।
​साहिया-क्वानू मोटर मार्ग के किलोमीटर-तीन पर अचानक भारी मात्रा में मलबा आ जाने से वहां से गुजर रही एक यूटिलिटी गाड़़ी मलबे के बीचों-बीच फंस गई।

गाड़ी में एक गंभीर रूप से बीमार महिला सवार थी। वाहन के मलबे में फंसने और रास्ता बंद होने पर स्थानीय लोगों ने पेश की इंसानियत की मिसाल—ग्रामीणों ने महिला को अपनी पीठ पर लादा और मलबे के बीच से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुँचाया।

​कालसी-चकराता मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें, जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा

​विकासनगर के पास जजरेड में पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कालसी-चकराता मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं और सैकड़ों यात्री व स्थानीय लोग फंसे हुए हैं।
​मार्ग को दोबारा खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की ओर से मौके पर जेसीबी (JCB) मशीनें तैनात की गई हैं। मलबे को हटाने और यातायात को जल्द से जल्द बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

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​राजधानी देहरादून में खस्ताहाल हुईं सड़कें, सहारनपुर रोड पर धंसी जमीन

​पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश का असर साफ देखने को मिल रहा है। राजधानी देहरादून के निचले इलाकों में सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं:

• ​सहारनपुर रोड पर बना गहरा गड्ढा: तेज बारिश के बहाव के कारण सहारनपुर रोड पर भंडारीबाग के पास सड़क में अचानक गहरा गड्ढा हो गया।

• ​दो जगहों पर धंसी सड़क: इसी मार्ग पर दो अलग-अलग स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे बड़े हादसे का खतरा बन गया।

• ​स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस: प्रशासनिक मदद पहुँचने से पहले ही स्थानीय नागरिकों ने दरकती सड़क पर खुद ही चेतावनी स्टैंड और रुकावटें लगाकर राहगीरों व वाहन चालकों को सचेत करना शुरू कर दिया।

​प्रशासन अलर्ट, नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत

​मौसम के बिगड़े मिजाज और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर है। प्रशासन ने लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं और खराब मौसम के दौरान संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से बचें।

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