पश्चिम बंगाल की रहने वाली पीड़िता को चामराजनगर के लॉज में ले जाकर हैवानियत; ब्लैकमेलिंग और 1 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का भी आरोप
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
• घटना स्थल: टी. नरसीपुरा (मैसूर) से अपहरण, कोल्लेगला (चामराजनगर) के लॉज में वारदात।
• पीड़िता: पश्चिम बंगाल की मूल निवासी महिला।
• गिरफ्तार आरोपी: रिहान, किरण और किशोर (तीनों टी. नरसीपुरा के निवासी)।
• कार्रवाई: भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज; पीड़िता को पुनर्वास केंद्र भेजा गया।
• जांच का रुख: पुलिस जबरन वसूली और वीडियो विवाद समेत सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।
मैसूर/चामराजनगर: कर्नाटक से दिल दहला देने वाला मामला
कर्नाटक: दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में महिलाओं के खिलाफ अपराध की एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा से एक महिला का जबरन कार में अपहरण कर पड़ोसी जिले चामराजनगर के एक लॉज में सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने का गंभीर आरोप लगा है।
इस दर्दनाक घटना की जानकारी सामने आते ही मैसूर जिला पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली बताई जा रही है, जिसे फिलहाल उचित देखभाल, सहायता और काउंसलिंग के लिए एक पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया है।
कार में बैठाकर लॉज ले गए, फिर की दरिंदगी
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना पिछले सप्ताह की है। आरोप है कि तीनों युवकों ने महिला को मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा क्षेत्र से जबरन एक कार में बैठाया। इसके बाद वे उसे पड़ोसी जिले चामराजनगर के कोल्लेगला स्थित एक होटल/लॉज में ले गए।
लॉज के कमरे में बंद करके तीनों आरोपियों ने महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। दरिंदगी यहीं खत्म नहीं हुई; वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता से पैसे ऐंठने की भी कोशिश की और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
महिला की होशियारी से बची जान, पड़ोसियों ने बुलाई पुलिस
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने की योजना बना रही थी। उसने आरोपियों को झांसा दिया कि उसके घर पर काफी नकदी रखी हुई है और वह उन्हें पैसे दे देगी। आरोपियों ने उसकी बात पर यकीन कर लिया और उसे उसके किराए के मकान तक लेकर आए।
घर पहुंचते ही महिला तेजी से कार से बाहर निकली, खुद को अंदर से लॉक किया और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाकर मदद की गुहार लगाने लगी। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत एकत्र हो गए। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी मौके से फरार होने की कोशिश करने लगे, लेकिन स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए फौरन पुलिस को इस घटना की सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई: तीन आरोपी सलाखों के पीछे
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मैसूर के पुलिस अधीक्षक (SP) मल्लिकार्जुन बालादंडी के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सामूहिक दुष्कर्म और प्रताड़ना का केस दर्ज किया।
पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए तीनों नामजद आरोपियों—रिहान, किरण और किशोर—को गिरफ्तार कर लिया है। ये तीनों आरोपी टी. नरसीपुरा के ही निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
जांच में नया मोड़: वीडियो विवाद और वित्तीय लेनदेन की आशंका
यद्यपि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं जिनसे मामले की कड़ियां और जटिल नजर आ रही हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, पुलिस शिकायत की हर पहलू से सत्यता परख रही है।
प्रारंभिक छानबीन के हवाले से पुलिस ने दावा किया है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपियों को शक हुआ कि महिला ने अपने मोबाइल फोन में एक प्राइवेट एक्ट का वीडियो बना लिया है। इसके बाद युवकों ने कथित तौर पर महिला का फोन छीनकर उसे पूरी तरह से फॉर्मेट (Format) कर दिया और उससे 1 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम की मांग की।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या महिला पहले से आरोपियों को जानती थी या किसी व्यावसायिक/वित्तीय विवाद के चलते यह घटना घटी।
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क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) और आगे की कानूनी प्रक्रिया
कानूनी प्रक्रियाओं के तहत, हालांकि अपराध की मुख्य घटना चामराजनगर जिले के कोल्लेगला क्षेत्र में स्थित लॉज में हुई थी, लेकिन इसका मुख्य मामला मैसूर पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है। इसका कारण यह है कि महिला को सबसे पहले मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा के एक गांव से कार में उठाया गया था।
फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक टीम और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पूरे मामले का ताना-बाना सुलझाने में लगी है। पीड़िता की पहचान सत्यापित करने के साथ ही उसकी चिकित्सा और कानूनी सहायता सुनिश्चित की जा रही है। मैसूर पुलिस का कहना है कि कानून के मुताबिक निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ा दंड दिलाया जाएगा।









