गाजियाबाद/मोदीनगर:
रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात में गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के बुदाना गांव में एक कलयुगी बेटे ने महज संपत्ति के लालच में अपने ही पिता की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी बेटे ने अपने पिता पर पिस्टल से सात राउंड गोलियां बरसाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
करोड़ों की जायदाद बनी खून का प्यासा
मृतक की पहचान मोदीनगर के बुदाना गांव निवासी हरिओम नेहरा (55) के रूप में हुई है। हरिओम के पास पैतृक रूप से मिली करीब 150 करोड़ रुपये की बेशकीमती संपत्ति थी। इस अकूत संपत्ति पर उनके बड़े बेटे निखिल नेहरा की काफी समय से गंदी नजर थी
निखिल लगातार अपने पिता पर दबाव बना रहा था कि वह पूरी 150 करोड़ की जायदाद उसके नाम ट्रांसफर कर दें। इसी बात को लेकर घर में रोजाना झगड़ा और कलह होती थी। हरिओम जानते थे कि निखिल का रवैया ठीक नहीं है और यदि संपत्ति उसके नाम की गई, तो वह उसे जल्द ही बेचकर सब बर्बाद कर देगा।
मौखिक बंटवारे से भी खुश नहीं था आरोपी
घर में शांति बनाए रखने के लिए हरिओम ने अपनी पैतृक संपत्ति (75 बीघा जमीन, छह दुकानें और एक कॉम्प्लेक्स) का मौखिक रूप से तीन हिस्सों में बंटवारा कर दिया था। इस बंटवारे के तहत बड़े बेटे निखिल को हिस्से में 25 बीघा जमीन और दो दुकानें दी गई थीं।
बाकी का हिस्सा हरिओम ने अपने छोटे बेटे नीशू और अपने पास सुरक्षित रखा था।
लेकिन निखिल इस बंटवारे से बिल्कुल खुश नहीं था। वह खुद को घर का बड़ा बेटा बताकर पूरी 150 करोड़ की जायदाद अकेले अपने नाम लिखवाने की जिद पर अड़ा था।
ताजा विवाद की वजह: बैंक्वेट हॉल बनाम अवैध कॉलोनी
हाल ही में हरिओम ने बुदाना रोड पर पांच बीघा जमीन खरीदी थी, जिस पर वह एक भव्य बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना तैयार कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ, निखिल इस जमीन पर अवैध कॉलोनी काटकर तुरंत पैसा कमाना चाहता था। इस नए प्रोजेक्ट को लेकर भी पिछले कुछ दिनों से बाप-बेटे के बीच तनाव चरम पर था।

बुधवार की रात: नशे की हालत में खूनी वारदात
घटना बुधवार रात करीब 10 बजे की है। निखिल शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा। उस समय उसके पिता हरिओम घर के मुख्य दरवाजे पर ही खड़े थे। नशे की हालत में लौटे निखिल को जब पिता ने टोका, तो दोनों के बीच हमेशा की तरह संपत्ति ट्रांसफर करने को लेकर बहस शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। शोर-शराबा सुनकर हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू भी दौड़कर बाहर आए। दोनों ने निखिल को समझाने और शांत करने की कोशिश की, लेकिन नशे और लालच के सुरूर में डूबा निखिल अपना आपा खो बैठा। उसने कमर से पिस्टल निकाली और अपने पिता हरिओम पर एक के बाद एक लगातार सात राउंड फायर झोंक दिए।
चश्मदीदों के अनुसार: “निखिल के सिर पर खून सवार था। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल गया। हरिओम के सिर, सीने और गले में चार गोलियां लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और निखिल मौके से फरार हो गया।”
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
गोलीबारी के बाद बदहवास पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल हरिओम को स्थानीय अस्पताल लेकर भागे। लेकिन वहां डॉक्टरों ने हरिओम को देखते ही मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक खून बहने और महत्वपूर्ण अंगों में गोली लगने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
8 साल पहले छोटे भाई पर भी किया था जानलेवा हमला
पुलिस जांच में आरोपी निखिल का बेहद हिंसक और खूंखार इतिहास सामने आया है। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, आरोपी ने साल 2018 में अपने छोटे भाई नीशू की भी जान लेने की कोशिश की थी।
उस वक्त भी पारिवारिक विवाद में निखिल ने नीशू के पेट में गोली मार दी थी। हालांकि, डॉक्टरों के कड़े प्रयासों के बाद नीशू की जान बच गई थी। उस समय परिवार की बदनामी और आपसी रजामंदी के डर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, जिससे आरोपी निखिल का हौसला और बढ़ गया।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। मृतक की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर के आधार पर आरोपी बेटे निखिल के खिलाफ हत्या (धारा 103, BNS) का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) का बयान:
”यह पारिवारिक विवाद और संपत्ति के लालच में की गई हत्या का मामला है। आरोपी निखिल ने नशे की हालत में अपने पिता पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पुलिस की तीन टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
इस दर्दनाक घटना ने बुदाना गांव सहित पूरे मोदीनगर इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे एक बेटे ने महज जमीन के टुकड़ों के लिए उस पिता की जान ले ली, जिसने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया था।









