हरिद्वार:
उत्तराखंड के प्रवेश द्वार हरिद्वार से आज सुबह एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक फ्लाईओवर के पास टनकपुर डिपो की एक रोडवेज बस और सामान ले जा रहे पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ही वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस खौफनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। राहगीरों की मदद से घायलों को तुरंत मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फ्लाईओवर के पास हुआ हादसा, चीख-पुकार से दहला इलाका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत 4.2 फ्लाईओवर के पास की है। आज सुबह जब यातायात सामान्य रूप से चल रहा था, तभी टनकपुर डिपो की रोडवेज बस और एक पिकअप वाहन की आमने-सामने सीधी भिड़ंत हो गई। दोनों वाहनों की रफ्तार इतनी तेज थी कि टकराते ही एक जोरदार धमाका हुआ और वाहनों का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया।
टक्कर होते ही मौके पर कोहराम मच गया और वाहनों के भीतर फंसे लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। स्थानीय निवासियों ने तत्काल इसकी सूचना श्यामपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
घायलों को भेजा गया अस्पताल, मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना
पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों वाहनों के क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटकर उसमें फंसे घायलों और शवों को बाहर निकाला। हादसे में घायल हुए पांचों लोगों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटी है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर, पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं हताहत हुए लोग: अपनों के सिर टूटा दुखों का पहाड़
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सड़क हादसे का शिकार हुए अधिकांश लोग पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं। हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि इसमें एक ही परिवार के कई लोग हताहत हुए हैं, जिससे परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतकों की पहचान:
इस जानलेवा हादसे में अपनी जान गंवाने वाले दो लोगों की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि एक अन्य की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है:
- अहान (उम्र 18 वर्ष): पुत्र शराफत, निवासी बढ़ापुर, नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश)।
- फहीम (उम्र 35 वर्ष): पुत्र अमानत (इनके विषय में अन्य विवरणों की प्रतीक्षा की जा रही है)।
घायलों की सूची:
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे घायलों का विवरण इस प्रकार है:
- सोहने लाल (उम्र 25 वर्ष): पुत्र राम रईस, निवासी ग्राम रीठ मानसिंह, हरदोई (उत्तर प्रदेश)।
- शराफत (उम्र 42 वर्ष): पुत्र सरमद, निवासी बढ़ापुर, नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश)।
- शबाना (उम्र 35 वर्ष): पत्नी शराफत, निवासी बढ़ापुर, नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश)।
- अनु (उम्र 18 वर्ष): पुत्र मेहंदी हसन, निवासी बढ़ापुर, नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश)।
- समीम (उम्र 42 वर्ष): पुत्र हसीनुद्दीन, निवासी बिजनौर (उत्तर प्रदेश)।
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू:
इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले 18 वर्षीय युवक अहान के माता-पिता (शराफत और शबाना) भी इसी बस-पिकअप भिड़ंत में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अपने ही सामने जवान बेटे को खो देने के इस सदमे और शारीरिक चोटों से यह परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
शुरुआती जांच में तेज रफ्तार बनी काल, पुलिस जांच में जुटी
हादसे के बाद श्यामपुर थाना पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर किनारे किया ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, घटना स्थल की स्थिति और वाहनों को पहुंचे नुकसान को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वाहनों की गति सीमा बहुत अधिक थी। शुरुआती जांच में ओवरटेकिंग या तेज रफ्तार को ही इस भीषण हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या किसी वाहन चालक को झपकी आई थी या सामने से आ रहे वाहन को देखने में कोई चूक हुई।








