संपत्ति विवाद का खूनी अंत: कोर्ट में केस हारा तो कलयुगी बेटे ने बीच सड़क पर 82 वर्षीय बुजुर्ग पिता को चाकू से गोदा, मौत

​हाइलाइट्स:

  • ​घटनास्थल: छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) का व्यस्त मार्ग।
  • ​मुख्य कारण: पुश्तैनी मकान के मालिकाना हक को लेकर कोर्ट का फैसला।
  • ​पीड़ित: जाफर कमरउद्दीन सैयद पटेल (82), जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी।
  • ​आरोपी: अब्दुल रहमान (बेटा), पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR), पुलिस हिरासत में।
  • ​अन्य घायल: बीच-बचाव करने आई आरोपी की सगी बहन, अस्पताल में भर्ती।

​छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र):

​रिश्तों को शर्मसार और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से सामने आई है। यहाँ संपत्ति और मकान के मालिकाना हक की कानूनी लड़ाई हारने से बौखलाए एक कलयुगी बेटे ने बीच सड़क पर अपने 82 वर्षीय बुजुर्ग पिता की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी।

दिल दहला देने वाली इस वारदात के दौरान जब बुजुर्ग को बचाने उनकी बेटी आगे आई, तो हिंसक हुए आरोपी ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
​यह पूरी घटना शुक्रवार को उस वक्त घटी जब बुजुर्ग पिता कोर्ट से अपने हक में फैसला आने के बाद घर लौट रहे थे।

सरेराह हुई इस क्रूर हत्या से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

​रिटायर्ड कर्मचारी थे मृतक, बेटे की प्रताड़ना से थे तंग

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 82 वर्षीय जाफर कमरउद्दीन सैयद पटेल के रूप में हुई है। जाफर पटेल जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के एक सम्मानित सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। वह छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने पैतृक मकान में रहते थे। उनका अपने बेटे अब्दुल रहमान के साथ पिछले काफी समय से गहरा विवाद चल रहा था।


​आरोपी बेटा अब्दुल रहमान, जो पेशे से एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) है, आए दिन अपने बुजुर्ग पिता के साथ पैसों और प्रॉपर्टी को लेकर गाली-गलौज और मारपीट किया करता था। बेटे के लगातार हिंसक होते व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर बुजुर्ग जाफर पटेल ने कुछ समय पहले अपना घर छोड़ दिया था और पुणे में अपनी शादीशुदा बेटी के घर रहने चले गए थे।

​दो साल तक चली कानूनी लड़ाई और पिता की जीत

​बेटे के दुर्व्यवहार और पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे की कोशिशों को देखते हुए जाफर पटेल ने कानून का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अब्दुल रहमान को अपने घर से बेदखल करने और मकान का पूर्ण नियंत्रण वापस पाने के लिए अदालत में एक दीवानी मुकदमा (Property Dispute Case) दायर किया।


​यह कानूनी लड़ाई अदालत में लगभग दो साल तक चली। इस दौरान आरोपी लगातार पिता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था। आखिरकार, शुक्रवार को अदालत ने मामले की गंभीरता और बुजुर्ग पिता की दलीलों को सही मानते हुए जाफर पटेल के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी बेटे अब्दुल रहमान को तत्काल प्रभाव से मकान खाली करने का आदेश दिया और संपत्ति का मालिकाना हक पूरी तरह से बुजुर्ग पिता को सौंप दिया।

​जीत की खुशी मातम में बदली: ऑटो रुकवाकर सरेआम किया हमला

​अदालत से न्याय मिलने के बाद जाफर पटेल बेहद खुश थे। वह कोर्ट से मिली बेदखली (Eviction Order) की आधिकारिक कॉपी लेकर अपनी बेटी के साथ एक ऑटो रिक्शा में बैठकर घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि कोर्ट परिसर से ही उनका बेटा मौत बनकर उनके पीछे लगा हुआ है।


​जैसे ही ऑटो एक व्यस्त मार्ग पर पहुँचा, गुस्से और प्रतिशोध की आग में पागल हो चुके अब्दुल रहमान ने मोटरसाइकिल से आकर ऑटो का रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि बुजुर्ग पिता या उनकी बहन कुछ समझ पाते, आरोपी ने ऑटो के भीतर ही पिता पर चिल्लाना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने अपनी जेब से एक बड़ा धारदार चाकू निकाला और 82 साल के लाचार पिता पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।

​बीच-बचाव करने आई बहन भी लहूलुहान, मौके पर तोड़ा दम

​सड़क पर चीख-पुकार मचते ही ऑटो में बैठी जाफर पटेल की बेटी ने अपने वृद्ध पिता को बचाने की हरसंभव कोशिश की। उसने आरोपी भाई का हाथ पकड़ने और उसे पीछे धकेलने का प्रयास किया। लेकिन खून सवार हो चुके अब्दुल रहमान ने अपनी सगी बहन पर भी चाकू से कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी।


​आरोपी ने बुजुर्ग पिता के सीने, पेट और गर्दन पर चाकू से तब तक वार किए जब तक कि उन्होंने तड़प-तड़पकर दम नहीं तोड़ दिया। दिनदहाड़े बीच सड़क पर हुए इस वीभत्स हत्याकांड को देखकर राहगीरों के पैर ठिठक गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन तब तक आसपास के लोग और पुलिस सतर्क हो चुके थे।

​पुलिस की मुस्तैदी: आरोपी बेटा गिरफ्तार, जाँच जारी

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाकाबंदी की और भागने की फिराक में लगे आरोपी बेटे अब्दुल रहमान को आला-ए-कत्ल (हथियार) के साथ गिरफ्तार कर लिया।


​पुलिस ने मृतक जाफर पटेल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, जबकि गंभीर रूप से घायल बेटी को इलाज के लिए नजदीकी आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।


​वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार:


​”यह पूरी तरह से पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ मामला है। कोर्ट का फैसला खिलाफ आने के बाद आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या (Murder) और जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर लिया गया है। अदालत से रिमांड लेकर आगे की कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।”

ये भी पढ़े➜खेल जगत में शोक की लहर: भारत के दिग्गज निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवॉर्डी जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन

​निष्कर्ष: बिखरते पारिवारिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण

​छत्रपति संभाजीनगर की इस घटना ने एक बार फिर समाज में बिखरते पारिवारिक मूल्यों और संपत्ति के लिए रिश्तों के कत्ल की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पिता ने अपनी जीवनभर की कमाई से बेटे को पढ़ाया-लिखाकर इस काबिल बनाया, उसी बेटे ने चंद गज जमीन के टुकड़े के लिए पिता के बुढ़ापे का सहारा बनने के बजाय उनकी जीवनलीला ही समाप्त कर दी। फिलहाल इस घटना से पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है।

Leave a Comment