नई दिल्ली/नोएडा। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में अचानक मौसम ने भयानक करवट ली है। मौसम विभाग (IMD) और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने अगले कुछ घंटों के लिए दिल्ली-एनसीआर समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भीषण आंधी-तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि (Severe Thunderstorm with Hail) को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। प्रशासन ने बिगड़ते हालात को देखते हुए आम जनता को बेहद सतर्क रहने और बिना किसी आपातकालीन काम के घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुरुग्राम (Gurugram) समेत दिल्ली से सटे कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं। तेज आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे कई रिहायशी इलाकों में पूरी तरह से बत्ती गुल (ब्लैकआउट) हो गई है।
इन जिलों पर मंडरा रहा है खतरा: अलर्ट मैप में बड़ा क्षेत्र शामिल
मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए नवीनतम अलर्ट मैप के अनुसार, इस चक्रवाती आंधी-तूफान का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की सीमा से लगे पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में फैल चुका है। अगले 3 घंटों के भीतर इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने, भीषण अंधड़ आने और भारी ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना जताई गई है।
मुख्य रूप से प्रभावित जिले:
- दिल्ली-एनसीआर: नई दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़, मथुरा और ताजनगरी आगरा।
इन सभी जिलों में जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमों (समेत बिजली विभाग) को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
100 की स्पीड से चल रही हैं हवाएं, गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश और ब्लैकआउट
गुरुवार को दिनभर की उमस और तपिश के बाद शाम होते-होते आसमान में घने काले बादलों ने डेरा डाल लिया। देखते ही देखते करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी ने पूरे एनसीआर को अपनी चपेट में ले लिया। गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की भी खबरें आ रही हैं।
तेज हवाओं के थपेड़ों के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई है, जिससे यातायात की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है। सुरक्षा के लिहाज से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो गई है। तूफान की तीव्रता को देखते हुए लोगों में भारी दहशत का माहौल है।
आपदा प्रबंधन और प्रशासन की ओर से ‘एडवाइजरी’ जारी: क्या करें और क्या न करें
उत्तर प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन (Do’s and Don’ts) जारी की है, जिसका पालन करना बेहद जरूरी है:
क्या करें (सुरक्षा के उपाय):
- घरों के अंदर रहें: जैसे ही आंधी या बारिश शुरू हो, तुरंत अपने घरों या किसी मजबूत कंक्रीट की इमारत के अंदर चले जाएं।
- यात्रा से बचें: जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, अगले कुछ घंटों तक किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा या ड्राइविंग करने से पूरी तरह परहेज करें।
- वाहन सुरक्षित पार्क करें: अपने दुपहिया या चार पहिया वाहनों को किसी खुले मैदान या सुरक्षित शेड में पार्क करें। इन्हें कमजोर छतों या पेड़ों के नीचे कतई खड़ा न करें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थान पर मोबाइल फोन, लैपटॉप या किसी भी अन्य धातु (Metal) से बनी वस्तु का उपयोग करने से बचें।
क्या न करें (इन गलतियों से बचें):
- पेड़ों के नीचे शरण न लें: आंधी के दौरान पेड़ उखड़ने या उन पर बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा होता है, इसलिए पेड़ों और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल खड़े न हों।
- जलभराव वाली सड़कों पर न जाएं: तेज बारिश के कारण यदि सड़कों पर पानी भर गया है, तो वहां से वाहन निकालने की कोशिश न करें। अंडरपास और निचले इलाकों से दूर रहें।
- बच्चों और पालतू जानवरों का ध्यान रखें: इस खतरनाक मौसम में बच्चों और अपने पालतू जानवरों (Pets) को भूलकर भी घर से बाहर या छत पर अकेला न छोड़ें।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले कुछ घंटे बेहद संवेदनशील
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय मौसमी कारकों के सक्रिय होने के कारण यह अचानक तीव्र सिस्टम विकसित हुआ है। अगले कुछ घंटों तक हवाओं की रफ्तार और बारिश की तीव्रता ऐसी ही बनी रह सकती है।
प्रशासन ने सभी एक्सप्रेस-वे और मुख्य राजमार्गों पर गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी हादसे की सूरत में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। सभी नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे पैनिक (घबराएं) न हों, बल्कि पूरी तरह सतर्क रहकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।










