कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आज अपने विधायक दल के नेता यानी राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा करेगी। कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आज शाम 4 बजे होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
पर्यवेक्षक के रूप में अमित शाह की मौजूदगी
पार्टी आलाकमान ने मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह नवनिर्वाचित विधायकों के साथ व्यक्तिगत और सामूहिक चर्चा करेंगे ताकि नेतृत्व को लेकर सर्वसम्मति बनाई जा सके। पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य में सत्ता संभालने वाले चेहरे को लेकर पार्टी काफी सतर्क है, क्योंकि उसे 15 साल के तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन के बाद राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देनी है।
9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने जानकारी दी है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल यानी 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह स्थान बंगाल की राजनीति में बड़े बदलावों का गवाह रहा है, और भाजपा इसे अपनी जीत के उत्सव के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।
समारोह की मुख्य बातें:
- समय: सुबह 10:00 बजे।
- प्रमुख अतिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए के घटक दलों के नेता, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय कैबिनेट के सदस्य।
- मंत्रिमंडल: मुख्यमंत्री के साथ लगभग दो दर्जन मंत्रियों के भी शपथ लेने की संभावना है।
ममता सरकार का अंत और भाजपा का उदय
4 मई को आए चुनाव परिणामों ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो यह भाजपा के लिए एक बड़ी छलांग है:
पार्टी
2021 की सीटें
2026 की सीटें
स्थिति
भारतीय जनता पार्टी (BJP)
77
207
प्रचंड बहुमत
तृणमूल कांग्रेस (TMC)
215
80
सत्ता से बाहर
इन नतीजों के साथ ही ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत हो गया है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने ‘सोनार बांग्ला’ और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का जो मुद्दा उठाया था, उसे जनता ने सिर-आंखों पर बिठाया। अब चुनौती एक स्थिर और विकासोन्मुख सरकार देने की है।
कौन होगा बंगाल का नया ‘कैप्टन’?
विधायक दल की बैठक से पहले कई नामों पर अटकलें तेज हैं। रेस में प्रदेश स्तर के कद्दावर नेताओं से लेकर कुछ चौंकाने वाले नाम भी शामिल हो सकते हैं। पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरे की तलाश में है जो:
- प्रशासनिक अनुभव रखता हो।
- संगठनात्मक पकड़ मजबूत हो।
- बंगाल की सांस्कृतिक पहचान के साथ फिट बैठता हो।
शाम 4 बजे की बैठक के बाद जैसे ही नाम पर मुहर लगेगी, भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल में नई सरकार का गठन न केवल राज्य के लिए बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा संदेश है। 207 सीटों के साथ सत्ता में आ रही भाजपा के सामने अब जनता की उन उम्मीदों को पूरा करने की जिम्मेदारी है, जिसके दम पर उसे यह ऐतिहासिक जनादेश मिला है। आज शाम कोलकाता से निकलने वाला ‘सफेद धुआं’ यह साफ कर देगा कि बंगाल के भविष्य की कमान किसके हाथों में होगी।










