देहरादून (उत्तराखंड): राजधानी देहरादून से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक सिरफिरे युवक ने एक युवती और उसके परिवार को समाज में बदनाम करने और उन्हें कानूनी पचड़े में फंसाने के लिए खतरनाक साजिश रची। आरोपी ने युवती के घर पर गांजा और अन्य नशीली सामग्रियों से भरा एक ‘गिफ्ट हैंपर’ भेज दिया। स्थानीय पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने से आहत होकर, युवती के पिता, जो एक सेवानिवृत्त सूबेदार हैं, ने अब पुलिस महानिदेशक (DGP) का दरवाजा खटखटाया है।
एक साल से चल रहा था मानसिक उत्पीड़न
जानकारी के अनुसार, बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी संदीप नाम का युवक पिछले करीब एक वर्ष से 25 वर्षीय युवती को लगातार प्रताड़ित कर रहा है। आरोपी न केवल इंटरनेट मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर युवती को परेशान कर रहा है, बल्कि उसे जान से मारने की धमकियां भी दे रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी ने पीछा करने और डराने-धमकाने के कई हथकंडे अपनाए हैं, जिससे पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है।
नशे का ‘गिफ्ट’ और बदनामी की साजिश
साजिश की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब आरोपी संदीप ने युवती के घर के पते पर एक पार्सल भेजा। जब परिवार ने इस गिफ्ट हैंपर को खोला, तो उनके होश उड़ गए। उस पैकेट में गांजा और ड्रग्स जैसी अवैध नशीली सामग्री भरी हुई थी। पीड़ित पिता का आरोप है कि आरोपी का मकसद इस प्रतिबंधित सामग्री को उनके घर भेजकर उन्हें पुलिस के हाथों गिरफ्तार करवाना और समाज में उनकी प्रतिष्ठा को पूरी तरह धूमिल करना था।
रायपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
सेवानिवृत्त सूबेदार ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत रायपुर थाने और साइबर सेल में भी दर्ज कराई थी। हालांकि, परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इसी उदासीनता से तंग आकर पीड़ित पिता ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर आरोपी संदीप के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस का पक्ष: गिरफ्तारी पर लगा है ‘स्टे’
मामला सुर्खियों में आने के बाद रायपुर थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि आरोपी संदीप के खिलाफ पूर्व में भी मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय (High Court) से स्टे प्राप्त कर लिया है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों की जांच की जा रही है और उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
साइबर स्टॉकिंग और सुरक्षा की चुनौती
यह मामला केवल स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि साइबर स्टॉकिंग और सुनियोजित अपराध का एक गंभीर उदाहरण है। एक पूर्व सैन्यकर्मी, जिसने देश की सीमाओं की रक्षा की, आज अपने ही घर में अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए सिस्टम से लड़ रहा है। फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स और कूरियर के जरिए ड्रग्स भेजने जैसी घटनाएं उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराध और अपराधियों के दुस्साहस को दर्शाती हैं।
देहरादून: युवती को फंसाने की साजिश
घटना: देहरादून में एक सिरफिरे युवक ने एक युवती और उसके परिवार को बदनाम करने के लिए उनके घर पर गांजा और नशीली सामग्री से भरा ‘गिफ्ट हैंपर’ भेजा।
उत्पीड़न: आरोपी संदीप (निवासी बुलंदशहर) पिछले एक साल से युवती को सोशल मीडिया और धमकियों के जरिए परेशान कर रहा है।
शिकायत: रायपुर पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने पर पीड़िता के सेवानिवृत्त सूबेदार पिता ने पुलिस महानिदेशक (DGP) से न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस का पक्ष: पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले ही हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है, मामले की जांच जारी है।





