भुवनेश्वर | लक्ष्मीसागर
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार की भोर, जब शहर गहरी नींद में सोया था, तब लक्ष्मीसागर थाना क्षेत्र स्थित ‘बसंत भिल्ला’ अपार्टमेंट में अचानक लगी भीषण आग ने दो जिंदगियों को लील लिया। इस दर्दनाक हादसे में अपार्टमेंट के दो केयरटेकर—एक महिला और एक पुरुष—जिंदा जल गए। घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि दमकल विभाग ने सूझबूझ दिखाते हुए 27 अन्य निवासियों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
भोर के अंधेरे में चीख-पुकार
घटना बुधवार तड़के करीब 4:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपार्टमेंट के निचले हिस्से से धुआं निकलना शुरू हुआ, जो देखते ही देखते विकराल लपटों में बदल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि निवासियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। धुएं के गुबार ने पूरी सीढ़ियों और गैलरी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लोग अंदर ही फंस गए।
जिंदा जले दो भरोसेमंद केयरटेकर
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू दो केयरटेकरों की मौत रही। मृतकों की पहचान एक महिला और एक पुरुष के रूप में हुई है, जो लंबे समय से इस अपार्टमेंट की देखरेख कर रहे थे। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद वे सुरक्षित बाहर नहीं निकल पाए और आग की लपटों के बीच घिर गए। जब तक दमकलकर्मी उन तक पहुंचते, तब तक वे दम तोड़ चुके थे।
”मृतक कर्मचारी अपार्टमेंट के निवासियों के बीच बेहद भरोसेमंद थे। उनकी मौत की खबर ने न केवल उनके परिवारों को, बल्कि अपार्टमेंट के हर निवासी को सदमे में डाल दिया है।”
रेस्क्यू ऑपरेशन: 27 जिंदगियां बचाई गईं
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और लक्ष्मीसागर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के जवानों ने भारी मशक्कत और आधुनिक उपकरणों की मदद से अपार्टमेंट में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया।
- बचाए गए लोग: कुल 27 निवासियों को सुरक्षित निकाला गया।
- घायल: हादसे में बिस्वजीत बेहरा (70), सुलभा बेहरा (65) और 10 वर्षीय बालिका तेजेश्वरी बेहरा घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
शॉर्ट सर्किट बना काल!
प्रारंभिक जांच और अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बिजली के पैनल या मुख्य वायरिंग में ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी के कारण स्पार्किंग हुई, जिसने पास रखे ज्वलनशील पदार्थों को पकड़ लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सटीक कारणों की पुष्टि हो सके।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
भुवनेश्वर जैसे विकसित शहर के एक प्रमुख रिहायशी इलाके में हुई इस घटना ने अपार्टमेंट्स की अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
- फायर अलार्म: क्या अपार्टमेंट में सक्रिय फायर अलार्म सिस्टम था?
- निकासी मार्ग: क्या आपातकालीन निकास (Emergency Exit) के रास्ते खुले और बाधा रहित थे?
- बिजली ऑडिट: क्या पुरानी इमारतों में समय-समय पर इलेक्ट्रिकल ऑडिट किया जा रहा है?
स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद डर और रोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पुरानी इमारतों और अपार्टमेंट्स में लगे बिजली के उपकरणों और अग्नि सुरक्षा यंत्रों की कड़ाई से जांच करनी चाहिए।
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प्रशासन की अपील
पुलिस और प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपनी इमारतों में बिजली के तारों की नियमित जांच कराएं। शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले एमसीबी (MCB) और तारों का उपयोग करें। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दमकल विभाग को सूचित करें।
इस अग्निकांड ने एक बार फिर याद दिलाया है कि छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी का कारण बन सकती है। फिलहाल, पूरा इलाका शोक संतप्त है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।










