जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में गुरुवार की शाम एक हृदयविदारक हादसा हो गया। सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने निकले पर्यटकों के लिए कुदरत का मिजाज काल बन गया। बरगी बांध के अथाह जलभराव क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के कारण पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक क्रूज असंतुलित होकर डूब गया। हादसे के वक्त क्रूज पर चालक दल समेत कुल 29 लोग सवार थे। अब तक इस घटना में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं, राहत और बचाव दल ने सक्रियता दिखाते हुए 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। शेष लापता लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
शाम की सैर जो मातम में बदल गई
घटना गुरुवार शाम लगभग 6:00 बजे की है। जबलपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित बरगी बांध पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय मौसम अचानक बदल गया और धूलभरी तेज आंधी चलने लगी। इसी बीच, पर्यटकों से भरा क्रूज लहरों के बीच अपनी सैर पर था। तेज हवाओं के थपेड़ों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते वह पानी में समा गया। क्रूज पर सवार लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन: अंधेरा और लहरें बनी बाधा
हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। गोताखोरों ने तत्काल मोर्चा संभाला और पानी में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया। अब तक 14 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया है। हालांकि, हादसे में चार पर्यटकों की जान नहीं बचाई जा सकी। गोताखोरों ने चार शव बरामद किए हैं।
बताया जा रहा है कि क्रूज के कैप्टन महेश पटेल भी इस हादसे के बाद से लापता हैं। जैसे-जैसे रात गहराती जा रही है, टॉर्च और फ्लड लाइट्स की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया है। बांध का विशाल जल क्षेत्र और हवा की रफ्तार बचाव कार्य में बड़ी चुनौती पेश कर रही है।
प्रशासनिक सक्रियता और मंत्री का दौरा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार अलर्ट पर है। दिल्ली प्रवास से लौटे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने डुमना एयरपोर्ट पर उतरते ही हादसे की जानकारी ली और बिना समय गंवाए सीधे बरगी बांध के लिए रवाना हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि लापता लोगों की तलाश में कोई कसर न छोड़ी जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय भी लगातार जबलपुर जिला प्रशासन के संपर्क में है।
सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने पर्यटन विभाग और क्रूज संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- मौसम की चेतावनी: क्या मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में ले जाने की अनुमति दी गई थी?
- लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरण: क्या क्रूज पर सवार सभी 29 लोगों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया होता, तो मौतों का आंकड़ा कम हो सकता था।
- क्षमता से अधिक सवार: क्या क्रूज पर उसकी क्षमता के अनुसार ही लोग सवार थे या ओवरलोडिंग हादसे की वजह बनी?
स्थानीय लोगों में आक्रोश और दुख
बरगी बांध क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे की खबर मिलते ही पर्यटकों के परिजन और स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है। अपनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बांध में अक्सर मौसम अचानक बदलता है, ऐसे में क्रूज संचालन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए थे।
अब तक की बड़ी बातें:
विवरण
आंकड़े/जानकारी
कुल सवार
29 लोग
सुरक्षित बचाए गए
14 लोग
मृतकों की संख्या
04 (शव बरामद)
लापता
11 लोग (कैप्टन सहित)
हादसे का कारण
तेज आंधी और संतुलन बिगड़ना
प्रमुख उपस्थिति
मंत्री राकेश सिंह, कलेक्टर और एसपी मौके पर
निष्कर्ष
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता लोगों को खोजने पर केंद्रित है। जबलपुर कलेक्टर ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के संकेत दिए हैं। यह हादसा एक चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानवीय लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। बरगी बांध की लहरों में लापता हुए लोगों के परिजनों के लिए अगली कुछ घड़ियां बेहद तनावपूर्ण और दुखद रहने वाली हैं।
नोट: राहत कार्य अभी भी जारी है, अतः मृतकों और बचाए गए लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।










