हल्द्वानी/लालकुआं:
नैनीताल जिले के लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पदमपुर देवलिया में एक हाई-प्रोफाइल विवाद सामने आया है। यहाँ के ग्राम प्रधान रमेश जोशी पर एक महिला ने घर में घुसकर मारपीट करने, अभद्रता करने और छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार को पदमपुर देवलिया की निवासी पीड़ित लक्ष्मी मेहता ने लालकुआं कोतवाली पहुंचकर पुलिस को अपनी शिकायत सौंपी। तहरीर के अनुसार, यह विवाद 28 अप्रैल की शाम को शुरू हुआ। लक्ष्मी मेहता का आरोप है कि उनकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी थी, जिसे लेकर विवाद हुआ।
आरोप है कि ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी अपने कुछ साथियों के साथ पीड़ित महिला के घर पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने और उनके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया, तो आरोपित मारपीट पर उतारू हो गए। पीड़िता ने तहरीर में स्पष्ट कहा है कि प्रधान ने घर की महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बढ़ाई प्रधान की मुश्किलें
इस घटनाक्रम का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर ग्राम प्रधान पक्ष को महिला और उसके परिवार के साथ हिंसक तरीके से मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा “लात मारने” का दृश्य चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपितों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनकी कार का शीशा भी तोड़ दिया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण
घटना के बाद पीड़िता ने अपना मेडिकल परीक्षण कराया है, जिसमें उन्हें आई चोटों की पुष्टि की बात कही गई है। लक्ष्मी मेहता ने लालकुआं पुलिस से मांग की है कि ग्राम प्रधान के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और घर में घुसकर हमला करने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
दूसरा पक्ष: ग्राम प्रधान संगठन ने खोला मोर्चा
मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब बुधवार को ही ग्राम प्रधान संगठन ने इस मामले में दखल दिया। ग्राम प्रधान रमेश जोशी और उनके समर्थकों का दावा है कि उनके साथ भी मारपीट की गई है।
- एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन: ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों और समर्थकों ने हल्द्वानी स्थित एसएसपी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
- प्रधान का दावा: रमेश जोशी का कहना है कि वे इस मामले में खुद पीड़ित हैं और मारपीट के दौरान उनके हाथ में भी चोट आई है।
- गिरफ्तारी की मांग: प्रधान संगठन ने मांग की है कि दूसरे पक्ष के उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जिन्होंने प्रधान के साथ अभद्रता और मारपीट की है।
क्षेत्र में उपजा तनाव: पुलिस के लिए चुनौती
एक तरफ महिला सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है, तो दूसरी तरफ ग्राम प्रधान संगठन की लामबंदी। पुलिस के लिए यह मामला अब “सांप-सीढ़ी” जैसा बन गया है। जहाँ एक पक्ष वीडियो साक्ष्य के आधार पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे साजिश बताकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
लालकुआं पुलिस का कहना है कि उन्हें तहरीर मिल चुकी है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है।
मेडिकल रिपोर्ट और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक असर
पदमपुर देवलिया में हुई इस घटना ने स्थानीय राजनीति को भी गरमा दिया है। एक जनप्रतिनिधि द्वारा महिला के साथ इस तरह के व्यवहार के आरोपों ने प्रधान पद की गरिमा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही इस तरह की हिंसा में शामिल होंगे, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा?
मुख्य बिंदु:
- आरोपी: ग्राम प्रधान रमेश जोशी।
- घटनास्थल: पदमपुर देवलिया, लालकुआं।
- आरोप: घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी।
- पुलिस की भूमिका: लालकुआं कोतवाली में तहरीर दर्ज, जांच जारी।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड में महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों के बीच इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की निष्पक्ष जांच पर टिकी हैं। क्या वायरल वीडियो के आधार पर प्रधान पर कार्रवाई होगी, या यह मामला आपसी रंजिश की भेंट चढ़ जाएगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।









