गढ़वाल मंडल के बाद अब उत्तराखंड सरकार कुमाऊं मंडल में धार्मिक पर्यटन को नई गति देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसखंड यात्रा के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। जहां एक ओर पर्यटन विभाग मंदिरों के विकास की जिम्मेदारी संभाल रहा है, वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) इन धार्मिक स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने में जुट गया है।
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि मानसखंड यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए कुमाऊं मंडल में कुल 17 नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। ये सड़कें क्षेत्र के 16 प्राचीन और पौराणिक मंदिरों को आपस में जोड़ेंगी, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा आसान हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इन सड़कों की योजना बनाते समय विस्तृत चर्चा की जा रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि कौन-सी सड़क सिंगल लेन होगी और किन सड़कों को डबल लेन के रूप में विकसित किया जाएगा।
सचिव पंकज पांडे के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में चार सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। शेष सड़कों के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण और वन विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया भी जारी है। विभाग का लक्ष्य है कि अगले दो से तीन वर्षों में इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए, जिससे कुमाऊं मंडल के सभी प्रमुख धार्मिक और पौराणिक मंदिरों तक मजबूत सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि जिस प्रकार गढ़वाल मंडल में चारधाम यात्रा के चलते हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, उसी तरह कुमाऊं मंडल में भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निश्चित रूप से इजाफा होगा।
कैंची धाम के लिए बनेगी नई वैकल्पिक सड़क
नैनीताल के समीप स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में पिछले कुछ वर्षों से नीम करोली बाबा के श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेष अवसरों और मेलों के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने कैंची धाम के लिए एक अलग और वैकल्पिक सड़क बनाने की योजना तैयार की है।
सचिव पंकज पांडे ने बताया कि यह नई सड़क कैंची धाम मंदिर के पीछे की ओर से बनाई जा रही है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग से अलग होगी। इस सड़क की कटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है और अब इसे पक्की सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि जून माह में लगने वाले कैंची धाम मेले से पहले इस सड़क को तैयार कर लिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार और लोक निर्माण विभाग के इन प्रयासों से आने वाले समय में कुमाऊं मंडल धार्मिक पर्यटन के एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरने की उम्मीद है।
कुमाऊं में धार्मिक पर्यटन को मजबूती: 16 प्राचीन मंदिरों को जोड़ने के लिए PWD बनाएगा 17 नई सड़कें, कैंची धाम को मिलेगी अलग सड़क
On: January 16, 2026 7:39 AM






