ऋषिकेश में वन भूमि सर्वे का तीखा विरोध, साढ़े चार घंटे तक ठप रहा यातायात - Doonprimenews
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ऋषिकेश में वन भूमि सर्वे का तीखा विरोध, साढ़े चार घंटे तक ठप रहा यातायात

On: December 28, 2025 10:34 AM
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ऋषिकेश वन रेंज क्षेत्र में पट्टे पर दी गई खाली वन भूमि के सर्वे के लिए पहुंची वन विभाग की टीम को लगातार दूसरे दिन भी स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। विभिन्न इलाकों में विरोध इतना बढ़ गया कि कहीं टीमों को क्षेत्र में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया, तो कहीं लोगों ने सड़क पर बैठकर घंटों जाम लगा दिया।

शनिवार सुबह वन विभाग की टीमें प्रशासन और पुलिस बल के साथ मीरानगर, शिवाजी नगर, बापू ग्राम, मालवीय नगर और अमित ग्राम में खाली पड़ी वन भूमि का सर्वे करने पहुंचीं। सुबह से ही इन इलाकों के प्रवेश मार्गों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे। जैसे ही सर्वे टीम मौके पर पहुंची, स्थानीय निवासियों ने विभागीय कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।

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अमित ग्राम में साढ़े चार घंटे सड़क जाम

अमित ग्राम में विरोध सबसे अधिक उग्र रूप में सामने आया। दोपहर करीब 12 बजे बाईपास मार्ग पर 100 से अधिक लोगों ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के सर्वे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। जाम के कारण बाईपास के साथ-साथ ऋषिकेश–हरिद्वार मार्ग पर भी लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। शाम करीब 4:40 बजे लोगों के सड़क से हटने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका।

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“मेहनत की कमाई से खरीदी जमीन”

विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जिस भूमि का सर्वे किया जा रहा है, उसे उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से खरीदा है और वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं। उनका तर्क है कि उन्होंने शहर के विकास में भी योगदान दिया है, ऐसे में उनके क्षेत्रों में सर्वे किया जाना उनके साथ अन्याय है। प्रभावित लोगों ने साफ कहा कि वे किसी भी तरह की विभागीय कार्रवाई का विरोध जारी रखेंगे।

अन्य क्षेत्रों में भी कार्रवाई बाधित

अमित ग्राम के अलावा मीरानगर, मालवीय नगर, शिवाजी नगर और अन्य इलाकों में भी लोगों ने सर्वे टीमों को क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया। विभागीय अधिकारी लगातार लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जानकारी देते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए। खाली प्लाट के मालिक भी अन्य लोगों के साथ मिलकर सुबह से शाम तक विरोध करते नजर आए।

प्रशासन की अपील, अफवाहों से बचें

उपजिलाधिकारी योगेश सिंह मेहरा ने बताया कि दूसरे दिन भी वन विभाग और प्रशासन की टीम ने सभी क्षेत्रों में सर्वे शुरू करने का प्रयास किया। अमित ग्राम में सड़क जाम की स्थिति बनी, जबकि अन्य क्षेत्रों में टीमों को प्रवेश से रोका गया। प्रशासन और वन विभाग प्रभावित लोगों को समझाने और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार कार्रवाई पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सर्वे में केवल खाली पड़ी वन भूमि को ही शामिल किया जा रहा है, किसी भी तरह के भवन या बने हुए मकानों का सर्वे नहीं किया जाएगा। उन्होंने भवन में रहने वाले परिवारों से चिंता न करने की अपील की और कहा कि मुख्य रूप से बड़े खाली प्लाटों का ही सर्वे किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को सही ढंग से समझने की अपील की।

जनप्रतिनिधि भी पहुंचे समर्थन में

प्रभावित परिवारों के समर्थन में कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। इनमें महापौर शंभू पासवान, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला, भाजपा जिला महामंत्री प्रतीक कालिया, पार्षद बीरेंद्र रमोला, सत्या कपरुवाण, राजेश कोठियाल सहित अन्य नेता शामिल रहे। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से प्रभावित लोगों के पक्ष में ठोस समाधान निकालने की मांग की।

हालांकि, अमित ग्राम में महापौर शंभू पासवान को लोगों के गुस्से का सामना भी करना पड़ा और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। महापौर ने कहा कि कई घरों के सामने बागवानी के लिए छोटी-छोटी जमीन छोड़ी गई है, इसलिए छोटे प्लाटों को सर्वे से बाहर रखा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, ऋषिकेश में वन भूमि सर्वे को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन व स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति फिलहाल बनी हुई है।

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