अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड में बिजलीघर होंगे और सुरक्षित: यूपीसीएल के साइबर सिक्योरिटी व GIS प्रोजेक्ट को सशर्त मंजूरी

On: December 2, 2025 9:48 AM
Follow Us:

उत्तराखंड में बढ़ते साइबर जोखिमों को ध्यान में रखते हुए अब यूपीसीएल के बिजलीघर आधुनिक साइबर सुरक्षा तकनीक और जीआईएस सिस्टम से लैस किए जाएंगे। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने इस संबंध में दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 31.85 करोड़ रुपये के साइबर सिक्योरिटी एवं GIS अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट को सशर्त मंजूरी प्रदान कर दी है। हालांकि आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह स्वीकृति केवल विशेष परिस्थितियों में दी गई है और इसे भविष्य में किसी तरह की नजीर नहीं माना जाएगा।
क्या-क्या शामिल है प्रोजेक्ट में?
आयोग द्वारा मंजूर किए गए इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत—
• 19.50 करोड़ रुपये की लागत से साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
• वेब और ई-मेल सुरक्षा को अपग्रेड किया जाएगा।
• नए सर्वर और साइबर सुरक्षा नीतियों का विकास किया जाएगा।
• बड़े डिस्प्ले स्क्रीन की खरीद और
• डाटा सेंटर व डिजास्टर रिकवरी सेंटर के लिए सर्वर रैक स्थापित किए जाएंगे, जिसकी लागत लगभग 74 लाख रुपये है।
आयोग ने यह भी कहा कि यूपीसीएल की SCADA और वितरण व्यवस्था को क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर घोषित किया गया है, इसलिए साइबर सुरक्षा में सुधार अनिवार्य हो चुका है।
आयोग ने लगाई सख्त शर्तें
इस मंजूरी के साथ आयोग ने कई महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की हैं, जिनका पालन उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को हर हाल में करना होगा:
• L-1 (सबसे कम बोली लगाने वाले) विक्रेता के साथ कीमतों में और कमी लाने का प्रयास करना होगा।
• ITDA, CERT-In और CEA के दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
• नियमित रूप से VAPT टेस्ट, साइबर ड्रिल और स्टाफ प्रशिक्षण कराना होगा।
• सभी एसेट्स की 100% GIS मैपिंग पूर्ण की जानी चाहिए।
• एक माह के भीतर प्रोजेक्ट फंडिंग का प्रमाण आयोग को उपलब्ध कराना होगा।
• प्रोजेक्ट पूरा होने पर कंप्लीशन रिपोर्ट आयोग में जमा करनी होगी।
क्यों मिली विशेष परिस्थिति में मंजूरी?
लगातार बढ़ रहे साइबर हमलों और स्मार्ट ग्रिड की बदलती जरूरतों को देखते हुए आयोग ने यह प्रोजेक्ट अत्यंत आवश्यक माना। नियमों के उल्लंघन को लेकर यूपीसीएल को चेतावनी भी दी गई है, लेकिन राज्य के बिजली ढांचे को सुरक्षित करने को प्राथमिकता देते हुए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment