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देहरादून: टेकऑफ और लैंडिंग के वक्त बर्ड स्ट्राइक रोकने के लिए एयरपोर्ट के पास का डंपिंग यार्ड हटाया जाएगा

On: November 29, 2025 5:15 AM
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देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान लगातार सामने आ रहीं बर्ड स्ट्राइक की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाया है। एयरपोर्ट के नज़दीक स्थित डोईवाला का कूड़ा डंपिंग यार्ड अब दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। यह कार्रवाई यात्रियों और विमानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए की जा रही है, क्योंकि डंपिंग यार्ड से उठने वाली दुर्गंध और कूड़ा पक्षियों को आकर्षित कर विमान संचालन के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस संबंध में एसडीएम डोईवाला को निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के भीतर सरकारी भूमि पर नए डंपिंग स्थल का चयन कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। साथ ही, मौजूदा डंपिंग यार्ड में कूड़ा निस्तारण की गति बढ़ाने और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर दायरे में पक्षियों व वन्यजीवों की गतिविधियों को नियंत्रित करने पर जोर दिया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए—
• डंपिंग यार्ड में मौजूद कूड़े के निस्तारण के लिए नगर पालिका को ट्रामेल और पोकलैंड मशीन तुरंत खरीदने के आदेश
• डंपिंग यार्ड को टी́nशेड से कवर करने की हिदायत
• एयरपोर्ट के आसपास कूड़ा जमा न हो, इसके लिए होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों की जांच कर कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था करने के निर्देश
• एयरपोर्ट परिसर के भीतर जमा होने वाले कचरे का नियमित निस्तारण सुनिश्चित करने की आवश्यकता
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे, जिन्होंने बर्ड स्ट्राइक की घटनाओं के प्रमुख कारणों पर जानकारी साझा की।
बर्ड स्ट्राइक की घटनाओं का बढ़ता जोखिम
हाल ही में मुंबई से देहरादून आ रही इंडिगो फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान पक्षी टकरा गया था, जिसके चलते आपात स्थिति में विमान उतारना पड़ा। इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो विमान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती हैं।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि
• एयरपोर्ट के पास कूड़े की डंपिंग,
• मांस की दुकानों,
• ऊंचाई सीमा से अधिक पेड़ों और इमारतों
के कारण पक्षियों की आवाजाही बढ़ती है, जिससे बर्ड स्ट्राइक का खतरा हमेशा बना रहता है। अधिकारियों ने 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित डंपिंग यार्ड के विस्थापन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
साथ ही एयरपोर्ट के बाहर और भीतर ड्रेनेज क्षमता में अंतर और नाले की नियमित सफाई न होने की समस्या भी जिलाधिकारी के सामने रखी गई। इस पर सिंचाई विभाग को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना को गति
जिलाधिकारी ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण को मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विस्तारीकरण से न सिर्फ राज्य की आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि विमान, यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इस दिशा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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