रुद्रपुर में आयोजित एक समारोह का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। वीडियो में कुछ लोगों के बीच खड़े दो बच्चों में से एक बच्चे को पिस्टल या रिवॉल्वर से हवा में फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है। जैसे ही यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना, मामला सीधे पुलिस के संज्ञान में पहुंचा।
सूत्रों के अनुसार वीडियो गदरपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने तुरंत जांच के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि किसी भी बच्चे से फायरिंग करवाना गंभीर अपराध है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि हथियार लाइसेंसी हुआ, तो उसका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिले में अवैध व लाइसेंसी दोनों तरह के असलहों का प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। कई लोग समारोह या निजी आयोजनों में फायरिंग कर अपनी दिखावा प्रवृत्ति का प्रदर्शन करते हैं। पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद इस तरह के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे।
ताज़ा मामले में भी वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो वास्तव में किस स्थान का है और इसमें शामिल लोग कौन हैं।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो को लेकर लोग तरह–तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कुछ लोग इसे गैरजिम्मेदाराना हरकत बता रहे हैं, वहीं कई लोग बच्चों के हाथ में हथियार देने पर सवाल उठा रहे हैं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने दोहराया कि कानून के अनुसार बच्चे को हथियार पकड़ाना और उससे फायरिंग कराना दंडनीय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामले की पुष्टि होते ही न केवल एफआईआर दर्ज की जाएगी, बल्कि असलहे का लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।
यह मामला फिर से इस बात की ओर इशारा करता है कि जिले में शस्त्र संस्कृति पर नियंत्रण की जरूरत है और ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी आवश्यक है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।







